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Bihar Election 2020: श्रेयसी सिंह ने साबित किया, खेल हो या राजनीति उनका निशाना अचूक होता है

Bihar elections 2020 shreyashi singh in BJP: श्रेयसी आत्मनिर्भर भारत योजना को आगे ले जाना चाहती हैं. उन्होंने इसके लिए आत्मनिर्भर बिहार और आत्मनिर्भर जमुई का नारा दिया है. उनकी तैयारी पिछले साल से शुरू हो गई थी जब उनकी मां लोकसभा चुनाव में उतरी थीं. श्रेयसी ने अपनी मां के लिए प्रचार किया था. लोग रैलियों में श्रेयसी की बात सुनने के लिए खूब उमड़ते थे. श्रेयसी सिंह ने उसी वक्त संकेत दे दिया था कि उनका अगला निशाना राजनीति है.

  • TV9 Hindi
  • Publish Date - 1:57 pm, Thu, 15 October 20
श्रेयसी सिंह

राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीत चुकीं श्रेयसी सिंह जमुई विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के टिकट पर चुनाव लड़ रही हैं. निशानेबाजी में श्रेयसी सिंह का नाम सुर्खियों में रहा है. 29 साल की श्रेयसी सिंह पूर्व केंद्रीय मंत्री स्व. दिग्विजय सिंह की बेटी हैं जिन्हें लोग दादा के नाम से पुकारते थे. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निशानेबाजी में ख्याति बटोर चुकीं श्रेयसी सिंहग के पिता स्‍व. दिग्विजय सिंह बांका लोकसभा सीट से 1999 में पहली बार सांसद चुने गए थे. 2009 में वे दोबारा निर्दलीय सांसद चुने गए. बाद में उनका निधन हो गया जिसके बाद 2010 में हुए उपचुनाव में उनकी पत्नी और श्रेयसी सिंह की मां पुतुल कुमारी सांसद चुनी गईं, जो अब भी राजनीति में सक्रिय हैं. हालांकि पिछले लोकसभा चुनाव में पुतुल कुमारी हार गई थीं, अब उनकी बेटी बिहार की राजनीति में उतर गई हैं.

यूथ का साथ-बड़ों का आशीर्वाद
श्रेयसी सिंह बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ रही हैं. पूर्व में ऐसी अटकलें थीं कि श्रेयसी सिंह राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) में शामिल होंगी लेकिन उनका सफर बीजेपी के साथ जुड़ गया है. अभी हाल में बीजेपी नेता अरुण सिंह और भूपेंद्र यादव की मौजूदगी में श्रेयसी सिंह ने बीजेपी की सदस्यता ग्रहण की. उन्हें जमुई विधानसभा सीट से टिकट दिया गया है. श्रेयसी ने कहा है कि वे अपने पिता स्व. दिग्विजय सिंह के अधूरे सपने को पूरा करेंगी और इसके लिए कड़ी मेहनत करेंगी. बीजेपी की सदस्यता ग्रहण करने के बाद श्रेयसी सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आत्मनिर्भर भारत बनाने का जो सपना है, उसे वे बिहार में पहुंचाने के लिए मेहनत करेंगी. श्रेयसी सिंह का कहना है कि वे बिहार में राजनीतिक पारी शुरू करने के लिए नौजवानों का साथ मांगती हैं और बड़ों का आशीर्वाद चाहती हैं.

आत्मनिर्भर बिहार-आत्मनिर्भर जमुई
श्रेयसी सिंह दिल्ली और ग्लासगो में हुए राष्ट्रमंडल खेलों में पदक जीत चुकी हैं. अब उनका निशाना राजनीति पर है और इसके लिए उन्होंने पूरी तैयारी की है. एक तरह से कहें तो उनकी तैयारी पिछले साल से शुरू हो गई थी जब उनकी मां लोकसभा चुनाव में उतरी थीं. श्रेयसी ने अपनी मां के लिए प्रचार किया था. लोग रैलियों में श्रेयसी की बात सुनने के लिए खूब उमड़ते थे. श्रेयसी सिंह ने उसी वक्त संकेत दे दिया था कि उनका अगला निशाना राजनीति है. जमुई से टिकट लेकर श्रेयसी सिंह ने साबित कर दिया कि खेल हो या राजनीति, उनका निशाना हमेशा अचूक होता है. श्रेयसी सिंह प्रधानमंत्री मोदी के आत्मनिर्भर भारत के सपने को लेकर आगे बढ़ना चाहती हैं. उनका मानना है कि बिहार खासकर जमुई में कोई नेता विकास के मु्द्दे पर चुनाव नहीं लड़ता. स्थानीय स्तर पर विकास के काम हुए हैं लेकिन वैसे नहीं हुए जिसकी जरूरत है. इसके लिए वह आत्मनिर्भर भारत योजना को आगे ले जाना चाहती हैं. श्रेयसी सिंह इसके लिए आत्मनिर्भर बिहार और आत्मनिर्भर जमुई का नारा देती हैं.

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श्रेयसी के पिता स्व. दिग्विजय सिंह राजनीति में बड़ी शख्सियत थे. अब सवाल उठ रहे हैं कि जमुई या बिहार के लोग उस व्यक्तित्व की छाप श्रेयसी सिंह में भी ढूंढने की कोशिश करेंगे. इस पर श्रेयसी सिंह का मानना है कि उन्हें अपने पिता पर गर्व है और वे उनकी विरासत लेकर ही आगे बढ़ेंगी. दोनों की तुलना पर श्रेयसी का मानना है कि अगर वे अपने पिता की राजनीति के थोड़ा निकट भी आ जाएं तो बड़ी बात होगी. इसके लिए वे हरसंभव प्रयास करेंगी.

श्रेयसी सिंह का विजन
जमुई विधानसभा क्षेत्र में महिला मतदाताओं की अच्छी-खासी संख्या है. तकरीबन एक से डेढ़ लाख महिला वोटर्स हैं. क्या इसका फायदा श्रेयसी सिंह को मिलेगा. श्रेयसी सिंह इसे लेकर आशावान हैं और उनका कहना है कि क्षेत्र में जहां-जहां जाती हैं, उन्हें महिलाओं और युवाओं का पूरा समर्थन मिलता है. इसे देखते हुए उन्हें अपनी जीत का पूरा भरोसा है. जमुई सीट पर वोटर्स एक नया चेहरा चाहते हैं और इस लिहाज से श्रेयसी सिंह फिट बैठती हैं. श्रेयसी का मानना भी रहा है कि उनका परिवार राजनीति और खेल (वे खुद निशानेबाज रही हैं) का मिक्सचर रहा है और लोगों को ये दोनों चीजें पसंद हैं, इसलिए वोटर्स इस बार उनके जैसे नए चेहरे को जरूर मौका देंगे.

श्रेयसी सिंह अगर चुनाव जीतती हैं तो उनका पहला फोकस जमुई में रोजगार सृजन पर होगा ताकि इस इलाके के नौजवानों को नौकरी के लिए इधर-उधर न भटकना पड़े या परदेश का रुख न करना पड़े. श्रेयसी सिंह अपने विजन के बारे में बताती हैं कि रोजगार सृजन उनकी प्राथमिकता होगी और दूसरा काम वो खेल के क्षेत्र में तत्परता से करना चाहती हैं. श्रेयसी सिंह का मानना है कि बिहार में स्पोर्ट्स एकेडमी पर काम होना चाहिए जैसा कुछ अन्य राज्यों ने अपनाया है. उनका एक और विजन विकास कार्यों को लेकर है. इसमें वो ऐसे कार्यों में तेजी लाना चाहती हैं जो लंबित है या जिसमें बेवजह की देरी हो रही है.