Bihar election 2020: सुशील मोदी बोले- RJD को चीन समर्थक वामपंथी दलों का सहारा

सुशील कुमार मोदी (Sushil Kumar Modi) ने ट्वीट कर कहा कि लालू प्रसाद की पार्टी लालटेन और लाल सलाम के सहारे बिहार को आगे नहीं, 50 साल पीछे ले जाने पर आमादा है.

Sushil Kumar Modi
File Pic-Sushil Kumar Modi

बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Election 2020) को लेकर सभी पार्टियां चुनावी तैयारियों में जुटी हुईं हैं. चुनाव की तारीखों के ऐलान के साथ ही सूबे में सियासी पारा भी आसमान पर है. इस दौरान बिहार के उपमुख्यमंत्री और बीजेपी नेता सुशील कुमार मोदी (Sushil Kumar Modi) ने राष्ट्रीय जनता दल (RJD) पर निशाना साधा है.

उन्होंने मंगलवार को ट्वीट कर कहा, ”लालू प्रसाद की पार्टी के रवैये से मोहभंग के बाद जब सहयोगी दल उनका साथ छोड़ रहे हैं और कांग्रेस भी गठबंधन में सहज नहीं है, तब राजद को केवल लाल सलाम और हिंसा में विश्वास रखने वाले चीन समर्थक वामपंथी दलों का सहारा रह गया है.”

उन्होंने आगे लिखा, ”वे लालटेन और लाल सलाम के सहारे बिहार को आगे नहीं, 50 साल पीछे ले जाने पर आमादा हैं. हिंसा के लाल रंग के साथ विकास की कल्पना भी नहीं की जा सकती. बिहार की जनता लाल और टेन के किलर काकटेल को कभी कामयाब नहीं होने देगी.”

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राजनीतिक समीकरण का हिस्सा बन रहे छोटे दल

माना जा रहा है कि 2015 चुनाव की तरह ही इस बार भी मुकाबला NDA और महागठबंधन के बीच है, लेकिन फर्क इतना है कि कई मोहरे इधर से उधर हो गए हैं. नीतीश कुमार की अगुवाई में NDA और तेजस्वी यादव की अगुवाई वाले महागठबंधन के बीच मुख्य मुकाबला तो है, लेकिन इन दोनों ही गठबंधन के कई घटक दल ऐसे हैं, जिन्हें उनकी अपेक्षा के मुताबिक गठबंधन में तवज्जो नहीं मिल पा रही है. यही कारण है कि कई छोटे दल इस बार के चुनाव में पाला बदलकर अलग-अलग राजनीतिक समीकरण का हिस्सा बन रहे हैं.

सबसे पहले महागठबंधन का साथ हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM) ने 2 सितंबर को छोड़ा जो महागठबंधन का प्रमुख दल समझा जा रहा था. HAM के मुखिया ने ऐलान करते हुए कहा कि महागठबंधन में वो कब से समन्वय समीति की मांग कर रहे थे, लेकिन उनकी मांग पर किसी ने विचार तक नहीं किया.

जाहिर है महागठबंधन में अपने दल की हैसियत को लेकर असमंजस झेल रहे जीतनराम मांझी ने महागठबंधन छोड़कर NDA का दामन पकड़ना ही उचित समझा. हालांकि यहां भी उन्हें कितनी सीटें मिलेंगी इसको लेकर मांझी कई बार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बंगले का चक्कर लगा चुके हैं. सुत्रों के मुताबिक मांझी अपनी पार्टी के लिए आठ सीट की मांग NDA में कर रहे हैं.

वैसे हाल में महागठबंधन से अलग हुए घटक दल HAM के प्रवक्ता दानिश रिजवान कहते हैं कि राजनीति परिस्थितियों के हिसाब से की जाती है. मेरी पार्टी की मांग सीट को लेकर किसी गठबंधन में नहीं रही है, लेकिन महागठबंधन का नेता कौन होगा इसको लेकर RJD एकतरफा फैसला कर रही थी जो हमें बिहार के भविष्य को देखते हुए सही नहीं लग रहा था.

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