Bihar Election 2020: जेपी नड्डा की गया रैली में कोरोना गाइडलाइंस का उल्लंघन, BJP नेता पर केस दर्ज

गया जिला प्रशासन ने 11 अक्टूबर को हुई बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की रैली के आयोजक के खिलाफ EC के दिशानिर्देशों के तहत सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का उल्लंघन पाए जान पर FIR दर्ज कर ली है.

  • TV9 Hindi
  • Publish Date - 10:31 pm, Wed, 14 October 20
गया में जेपी नड्डा का रैली (FILE)

कोरोना काल के बीच बिहार में विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं. इसको ध्यान में रखते हुए चुनाव आयोग ने चुनाव प्रचार के लिए गाइडलाइंस भी जारी की और इनके उल्लंघन होने पर कार्रवाई भी की जाएगी. इसी कड़ी में गया जिला प्रशासन ने 11 अक्टूबर को हुई बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की रैली के आयोजक के खिलाफ EC के दिशानिर्देशों के तहत सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का उल्लंघन पाए जान पर FIR दर्ज कर ली है.

हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक, सर्कल ऑफिसर (CO) राजीव रंजन के बयान के आधार पर सिविल लाइंस पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई है. अधिकारियों ने कहा कि गांधी मैदान में सोशल डिस्टेंसिंग मानदंडों के उल्लंघन के संबंध में सदर एसडीओ इंद्रवीर कुमार ने टाउन सीओ को मामले की जांच करने और रिपोर्ट देने का आदेश दिया है.

पुलिस ने कहा कि इस रैली में हिस्सा लेने वाले लोगों ने कथित तौर पर मास्क न पहनकर और सोशल डिस्टेंसिंग के नियम का पालन न करते हुए दिशानिर्देशों का उल्लंघन किया है.

बीजेपी महासचिव के खिलाफ FIR दर्ज

एसएचओ उदय कुमार ने कहा कि बीजेपी के महासचिव प्रशांत कुमार और आयोजन समिति के अन्य सदस्यों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है. उन पर IPC की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है, जिसके तहत कम से कम दो साल तक की सजा या जुर्माना और दोनों का प्रावधान है.

पुलिस ने कहा कि इस राजनीतिक समारोह के दिन, नड्डा के साथ पूर्व सीएम जीतन राम मांझी, आरसीपी सिंह, संजय जायसवाल, मंत्री डॉ. प्रेम कुमार और अन्य राजनीतिक नेता भी मंच पर मौजूद थे. उनके भाषण के दौरान लोगों ने कोरोना गाइडलाइंस की धज्जियां उड़ाईं और उनमें से अधिकांश लोगों ने मास्क भी नहीं पहना था.

वीडियो फुटेज के आधार पर होगी नियम तोड़ने वालों की पहचान

वहीं एसएचओ ने ये भी कहा, “रैली में हिस्सा लेने वाले अन्य लोगों की पहचान वीडियो फुटेज के आधार पर की जा रही है.” इससे पहले 8 अक्टूबर को, गृह मंत्रालय ने चुनावी राज्य बिहार में सशर्त राजनीतिक समारोहों की अनुमति दी थी. इसमें किसी भी हॉल में सिर्फ 200 लोगों तक के जुटने की अनुमति दी गई थी, जबकि एक खुली जगह में, यह संख्या उस क्षेत्र पर निर्भर करेगी.

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