Bihar Election: टिकट कटने पर भड़के एलएन मिश्रा के पोते, कांग्रेस प्रत्‍याशी को बताया जिन्‍ना भक्‍त

कांग्रेस (Congress) ने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष डॉ. मसकूर अहमद उस्मानी को जाले विधानसभा सीट से टिकट दिया है, जिनके खिलाफ राजद्रोह का मुकदमा दर्ज है.

  • TV9 Hindi
  • Publish Date - 4:15 pm, Fri, 16 October 20
ऋषि मिश्रा और कांग्रेस उम्मीदवार मसकूर अहमद उस्मानी (FILE)

पूर्व रेल मंत्री ललित नारायण मिश्रा के पोते ऋषि मिश्रा को आगामी बिहार विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी की तरफ से टिकट देने से इनकार करने पर उन्होंने पुरानी पार्टी के खिलाफ बगावत का बिगुल फूंक दिया. नाराज ऋषि ने जाले विधानसभा सीट से कांग्रेस उम्मीदवार डॉ. मसकूर अहमद उस्मानी को राष्ट्र विरोधी और जिन्ना का उपासक बता दिया.

दरअसल कांग्रेस ने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष डॉ. मसकूर अहमद उस्मानी को जाले विधानसभा सीट से टिकट दिया है, जिनके खिलाफ राजद्रोह का मुकदमा दर्ज है.

मालूम हो कि 2019 में उस्मानी पर कथित रूप से राष्ट्र विरोधी नारे लगाने के लिए राजद्रोह के आरोप के तहत मामला दर्ज किया गया था. 2020 में ट्विटर ने सफोरा जरगर और मीरान हैदर की गिरफ्तारी और उन पर लगाए गए गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम की आलोचना करने पर उस्मानी के ऑफिशियल अकाउंट को निलंबित कर दिया था.

“जमानत पर बाहर हैं मसकूर अहमद उस्मानी”

वहीं ऋषि मिश्रा ने कहा “मुझे इस बात का कोई अफसोस नहीं है कि मुझे वह टिकट नहीं मिला, जो वे किसी और को दे सकते थे, लेकिन मुझे दुख है कि पार्टी ने जिन्ना के उपासक को टिकट दिया, जिनके कार्यालय में जिन्ना की तस्वीर है. उनके ऊपर एक राजद्रोह का मामला भी है और वह जमानत पर बाहर हैं.”

इतना ही नहीं मिश्रा ने बिहार कांग्रेस अध्यक्ष मदन मोहन झा पर भी तीखा हमला किया. उन्होंने कहा, “मदन मोहन झा ने कहा कि सोनिया गांधी जी ने नामों का फैसला किया है. कांग्रेस गांधी की विचारधारा वाली पार्टी है, इसे जिन्ना की विचारधारा मत बनाइए. हम गांधी के देश में जिन्ना की तस्वीर नहीं लगा सकते. इससे पार्टी को लेकर लोगों के बीच गलत धारणा बनेगी. झा जी और सोनिया जी को बताना चाहिए कि उन्हें टिकट क्यों दिया गया? उन्हें इस्तीफा देना चाहिए.”

उस्मानी ने किया था CAA और NRC का विरोध

दरभंगा, बिहार के रहने वाले उस्मानी ने नागरिकता (संशोधन) अधिनियम (CAA) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) का विरोध किया था. दिसंबर 2017 में उस्मानी ने अजय सिंह को 6,719 वोटों से हराया और अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय छात्र संघ के अध्यक्ष के रूप में चुने गए थे.

ऋषि मिश्रा के दादा ललित नारायण मिश्रा 1970 के दशक में राज्य के सबसे बड़े कांग्रेस नेताओं में से एक थे. एलएन मिश्रा, जो तत्कालीन रेल मंत्री थे, 1975 में समस्तीपुर जिले के एक रेलवे स्टेशन पर बम विस्फोट में मारे गए थे. मिश्रा की हत्या के बाद उनके छोटे भाई जगन्नाथ मिश्रा की राजनीति एंट्री हुई, जो बड़े भाई-बहनों की हत्या के कुछ महीनों के भीतर ही मुख्यमंत्री बन गए थे.

वहीं एलएन मिश्रा के बेटे और ऋषि के पिता, विजय कुमार मिश्रा, जिन्होंने 1984 और 1989 के बीच लोकदल के सांसद के रूप में दरभंगा लोकसभा सीट का प्रतिनिधित्व किया था, 2014 से JDU के MLC हैं.

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