चनपटिया विधानसभा सीटः यहां देखें प्रत्याशी, वोटर्स, जातिगत आंकड़े और इस सीट का पूरा डेटा

Chanpatia Vidhan Sabha constituency: पश्चिमी चंपारण जिले की चनपटिया विधानसभा सीट पर पिछले 20 साल से भारतीय जनता पार्टी (BJP) का विजयी पताका लहरा रहा है.

पश्चिमी चंपारण जिले की चनपटिया विधानसभा सीट पर पिछले 20 साल से भारतीय जनता पार्टी (BJP) का विजयी पताका लहरा रहा है.

बिहार में विधानसभा चुनाव का प्रचार अपने चरम पर पहुंच चुका है. दूसरे चरण की सभी सीटों पर पार्टियों ने अपने उम्मीदवार उतार दिए हैं. दूसरे चरण में 94 विधानसभा क्षेत्रों में तीन नवंबर को मतदान होना है. राज्य की चनपटिया विधानसभा सीट पर सीधी टक्कर बीजेपी (BJP) और कांग्रेस के बीच है. इस सीट पर बीजेपी का दबदबा रहा है. बीजेपी के टिकट पर यहां से उमाकांत सिंह एनडीए के प्रत्याशी हैं. वहीं, महागठबंधन के धड़े से यह सीट कांग्रेस (Congress) के खाते में गई और उसने यहां से अभिषेक रंजन को अपना उम्मीदवार बनाया है.

सीट का इतिहास

पश्चिमी चंपारण जिले की चनपटिया विधानसभा सीट पर पिछले 20 साल से भारतीय जनता पार्टी (BJP) का विजयी पताका लहरा रहा है. 2015 में इस सीट पर बीजेपी और जेडीयू (JDU) के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली थी. बीजेपी प्रत्याशी प्रकाश राय ने जेडीयू के एनएन सैनी को महज 464 वोट से हराया था. 2010 में बीजेपी के चंद्रमहोन राय ने बीएसपी के एजाज हुसैन को 23 हजार से ज्यादा वोट से हराया.

चनपटिया विधानसभा सीट पहले बेतिया लोकसभा का हिस्सा हुआ करता थी, लेकिन 2008 में परिसीमन आयोग की सिफारिश के बाद सीट में बदलाव हुआ और इसे पश्चिमी चंपारण संसदीय सीट में अंतर्गत शामिल कर लिया गया. साल 1957 से इस सीट पर चुनाव हो रहे हैं. पहले चुनाव में कांग्रेस की केतकी देवी जीतने में सफल रही थीं. 1962 और 1967 में लगातार दो बार प्रमोद मिश्रा कांग्रेस की टिकट पर यहां से जीते थे.

1990 से पहले तक इस सीट पर कांग्रेस का दबदबा रहा था, लेकिन बाद में कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया यहां से 1980, 1985 और 1995 में जीतने में कामयाब रही. साल 2000 के विधानसभा चुनाव से बीजेपी ने जीत का जो सिलसिला शुरू किया वह अब तक जारी है. भाजपा यहां से लगातार 5 चुनाव जीत चुकी है.

जातीय समीकरण
इस सीट पर ब्राह्मण और यादव वोटरों का दबदबा माना जाता है. मुस्लिम वोटरों की भी अच्छी संख्या हैं, वहीं, भूमिहार और कोइरी भी निर्णायक भूमिका में हैं. 2010 की तुलना में 2015 में वोटिंग 8 प्रतिशत बढ़ा था. पिछले चुनाव में 63.8% वोटिंग हुई थी, जबकि 2010 में 55.7% मतदान हुआ था.

कुल वोटर: 2.63 लाख

पुरुष वोटर: 1.42 लाख (54.2%)
महिला वोटर: 1.21 लाख (45.7%)
ट्रांसजेंडर वोटर: 10 (0.004%)

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