चेनारी विधानसभा सीटः यहां देखें प्रत्याशी, वोटर्स, जातिगत आंकड़े और इस सीट का पूरा डेटा

Chenari Vidhan Sabha constituency: रोहतास जिले में आने वाली चेनारी विधानसभा सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है. 2015 के विधानसभा चुनाव में ललन पासवान ने कांग्रेस के उम्मीदवार मंगल राम को हराया था.

रोहतास जिले में आने वाली चेनारी विधानसभा सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है.

बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण के चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया पूरी हो गई है. राज्य के रोहतास जिले की चेनारी विधानसभा सीट पर मुकाबला दिलचस्प हो गया है. जेडीयू (JDU) ने इस सीट से ललन पासवान को टिकट दिया है. ललन पासवान 2015 के विधानसभा चुनाव में आरएलएसपी के टिकट पर यहां से विधायक बने थे. महागठबंधन की ओर से कांग्रेस के खाते में यह सीट गई है. कांग्रेस ने मुरारी प्रसाद गौतम को अपना उम्मीदवार बनाया है. वहीं एलजेपी (LJP) की टिकट पर चंद्रशेखर पासवान यहां से उतरे हैं, तो और बीएसपी (BSP) ने श्याम बिहारी राम को अपना प्रत्याशी बनाया है.

सीट का इतिहास

रोहतास जिले में आने वाली चेनारी विधानसभा सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है. 2015 के विधानसभा चुनाव में ललन पासवान ने कांग्रेस के उम्मीदवार मंगल राम को 9,781 वोटों से हराया था. साल 1962 में बनी चेनारी विधानसभा सीट पर पूर्व में कांग्रेस का दबदबा रहा है. पहली बार 1962 में हुए चुनाव में कांग्रेस के श्रीगोबिंद राम जीते थे, लेकिन जैसे-जैसे पार्टी बिहार से जनाधार खोती गई, चेनारी विधानसभा सीट पर भी उसकी पकड़ कमजोर होती गई. कांग्रेस के वोटरों ने क्षेत्रिय पार्टियों की तरफ रूख किया.

इस सीट पर अब तक हुए विधानसभा के चुनावों में पांच बार कांग्रेस ने जीत का परचम लहराया है. जबकि तीन बार जेडीयू और एक बार राजद को इस सीट पर जीत हासिल हुई है. ललन पासवान पहली बार फरवरी 2005 और दूसरी बार अक्टूबर 2005 में जेडीयू की टिकट पर यहां चुनाव जीते थे. 2015 के चुनाव में आरएलएसपी का दामन थाम लिया और विधायक बनकर बिहार विधानसभा पहुंचने में सफल रहे. हालांकि बिहार में बदलते राजनीतिक घटनाक्रम के साथ ललन पासवान जेडीयू के साथ हो गए और अब वो चेनारी सीट से सत्तारुढ़ दल के विधायक हैं. भाजपा को अभी तक इस सीट पर एक बार भी जीत नहीं मिली है.

जातीय समीकरण
एक समय समाजवादियों का गढ़ रही चेनारी विधानसभा में अब जातीय गणित की भूमिका अहम हो गई है. इस सीट पर ब्राह्मण, कोइरी, निर्णायक भूमिका में हैं, वहीं राजपूत, मुस्लिम और यादव मतदाताओं की संख्या भी अच्छी है. चेनारी विधानसभा सीट पर इस बार के चुनाव में राजद, जेडीयू और कांग्रेस में कड़ी टक्कर देखने को मिल सकती है. 2015 में इस सीट पर 54.50 प्रतिशत वोटिंग हुई थी. 1962 से हो रहे इस सीट पर चुनाव में सबसे अधिक मतदान भी इसी साल देखने को मिला था, तब करीब 66 फीसदी वोटरों ने वोट डाले थे.

कुल वोटरः 2.98 लाख

पुरुष वोटरः 1.57 लाख (52.76%)
महिला वोटरः 1.40 लाख (46.94%)
ट्रांसजेंडर वोटरः 5 (0.001%)

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