गोविंदगंज विधानसभा सीट: यहां देखें प्रत्याशी, वोटर्स, जातिगत आंकड़े और इस सीट का पूरा डेटा

Govindganj Vidhan Sabha constituency: पूर्वी चंपारण जिले की गोविंदगंज विधानसभा सीट पर 2015 के विधानसभा चुनाव में एलजेपी (LJP) ने बीजेपी (BJP) की मदद से विजयी पताका लहराया था.

  • TV9 Hindi
  • Publish Date - 12:25 pm, Sat, 17 October 20
पूर्वी चंपारण जिले की गोविंदगंज विधानसभा सीट पर 2015 के विधानसभा चुनाव में एलजेपी ने बीजेपी की मदद से विजयी पताका लहराया था.

बिहार में विधानसभा चुनाव का बिगुल बज चुका है. सभी राजनीतिक दलों ने अपने उम्मीदवार दूसरे चरण की सभी सीटों पर उतार दिए हैं. दूसरे चरण में 94 विधानसभा क्षेत्रों में तीन नवंबर को मतदान होना है. राज्य की गोविंदगंज विधानसभा सीट पर एनडीए के खेमे से बीजेपी (BJP) ने सुनील मणि त्रिपाठी को अपना प्रत्याशी बनाया है. वहीं, एलजेपी (LJP) ने गोविंदगंज से अपने विधायक राजू तिवारी को एक बार फिर से चुनावी मैदान में उतारा है. कांग्रेस (Congress) के टिकट पर ब्रजेश पांडेय यहां से महागठबंधन के उम्मीदवार हैं.

सीट का इतिहास 

बिहार के पूर्वी चंपारण जिले की गोविंदगंज विधानसभा सीट पर 2015 के विधानसभा चुनाव में एलजेपी ने बीजेपी की मदद से विजयी पताका लहराया था. एलजेपी के टिकट पर चुनावी मैदान में उतरे राजू तिवारी ने कांग्रेस के बृजेश कुमार को करीब 28 हजार वोटों से मात दी थी. राजू तिवारी 2010 के विधानसभा चुनाव में भी इस सीट से उतरे थे, लेकिन उन्हें जेडीयू की मीना द्विवेदी के हाथों हार झेलनी पड़ी थी.

2015 में जेडीयू से तीन बार विधायक रहीं मीना द्विवेदी को पार्टी ने टिकट नहीं दिया और ये सीट गठबंधन की सहयोगी कांग्रेस के लिए छोड़ दी. मीना द्विवेदी 2010, 2005 के फरवरी और अक्टूबर में लगातार तीन बार यहां से जीतीं थीं. 1998 के उप चुनाव में मीना द्विवेदी के पति भूपेंद्र नाथ दुबे 1995 में भूपेंद्र के भाई देवेंद्र नाथ दुबे इस सीट से विधायक चुने गए थे.

1998 के उप-चुनाव समेत अब तक इस सीट पर हुए 17 चुनाव हुए हैं. इनमें सात बार कांग्रेस, तीन बार जेडीयू, दो बार निर्दलीय, एक-एक बार एलजेपी, समता पार्टी, एजीपी, जनता दल और जनसंघ ने जीत दर्ज की है. कांग्रेस को यहां 1980 में आखिरी बार जीत मिली थी.

जातीय समीकरण

गोविंदगंज विधानसभा सीट पर ब्राह्मण वोटरों का सबसे अधिक प्रभाव है. भूमिहार और मुस्लिम वोटर भी निर्णायक भूमिका में हैं. 2015 में यहां 56.3% वोटिंग हुई थी, जो 2010 से 5% ज्यादा थी. पिछले दो चुनावों से यहां महिलाओं का वोटिंग प्रतिशत पुरुषों के मुकाबले ज्यादा रहा है.

कुल वोटरः 2.60 लाख

पुरुष वोटरः 1.38 लाख (53.0%)
महिला वोटरः 1.22 लाख (47.0%)
ट्रांसजेंडर वोटरः 0 (0.00%)