बिहार: LJP ने की संसदीय बोर्ड की बैठक, 143 सीटों पर चुनाव लड़ने के फैसले पर लगी मुहर

पार्टी ने यह फ़ैसला लिया कि जल्द ही ''बिहार 1st-बिहारी 1st'' विज़न डॉक्युमेंट की बैठक होगी. सभी सांसदों ने बैठक में प्रस्ताव रखा कि पार्टी को इस बार के चुनाव में कई पत्रकारों को भी टिकट देना चाहिए, जिसको सर्वसम्मति से पास किया गया.

बिहार विधानसभा चुनाव से पहले आज लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) की संसदीय बोर्ड की मीटिंग हुई. सांसदों की बैठक रामविलास पासवान के आवास पर हुई. जिसकी अध्यक्षता चिराग पासवान ने की. माना जा रहा था कि LJP संसदीय बोर्ड की बैठक के बाद पार्टी बिहार चुनाव के मद्देनजर अपना स्टैंड स्पष्ट कर देगी. चिराग पासवान और उनकी पूरी पार्टी लंबे समय से नीतीश कुमार पर हमलावर है.

हालांकि LJP सांसदों की इस बैठक में कई महत्वपूर्व प्रस्तावों पर मुहर लगी. कल ही चिराग पासवान और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा की मुलाकात हुई है. इसके पहले इसी हफ्ते अपने बिहार दौरे में जेपी नड्डा की मुलाकात नीतीश कुमार से भी हो चुकी है. जिनके बाद चिराग पासवान के तेवर थोड़े नरम जरूर हुए हैं.

सांसदों ने बिहार में लालफीताशाही पर जताई चिंता 

आज LJP सांसदों की बैठक में इस बात पर भी मुख्य रूप से चर्चा हुई कि बिहार चुनाव में NDA के अंदर बीजेपी को जेडीयू से ज्यादा सीटों पर चुनाव लड़ना चाहिए. उधर जेडीयू, बीजेपी से ज्यादा सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती है. इसके अलावा LJP सांसदों की बैठक में सभी सांसदों ने बिहार में लालफीताशाही पर चिंता जताई और इससे लड़ने के लिए योजना भी बनी.

‘JDU का LJP से कोई गठबंधन नहीं’

इसके साथ ही केसी त्यागी के बयान ‘JDU का LJP से कोई गठबंधन नहीं है’ उसका स्वागत किया गया. इस बैठक में बिहार सरकार द्वारा अनुसचित जाति, जनजाति को पूर्व में किए गए 3 डिसमिल ज़मीन के वादे को पूरा करवाने पर भी मांग हुई. सभी सांसदों ने यह प्रस्ताव बैठक में भी रखा कि पार्टी को इस बार के चुनाव में कई पत्रकारों को भी टिकट देना चाहिए. जिसको सर्वसम्मति से पास किया गया.

संसदीय बोर्ड के फैसले पर लगी मुहर

इस बैठक में 143 सीटों पर चुनाव लड़ने के संसदीय बोर्ड के फैसले पर मुहर लगी. सभी सांसदों ने पार्टी के गठबंधन पर फ़ैसले के लिए और आगे के सभी फ़ैसलो के लिए पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान को एकमत से अधिकृत किया है. पार्टी ने यह फ़ैसला लिया कि जल्द ”बिहार 1st बिहारी 1st” विज़न डॉक्युमेंट की बैठक होगी. उसके बाद केंद्रीय संसदीय बोर्ड की बैठक होगी. जिसमें आख़िरी फ़ैसला लिया जाएगा.

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