Bihar Election: ये हैं बिहार चुनाव की सबसे ‘दबंग’ महिला प्रत्याशी, संपत्ति है 90 करोड़

जिनकी बात इस खबर में की जा रही है, उनके पति बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव (Lalu Yadav) के करीबी रहे हैं और उनकी थोड़े दिन पहले ही कोरोना के कारण मौत हुई है.

  • TV9 Hindi
  • Publish Date - 4:26 pm, Wed, 14 October 20
बिहार की बाहुबली नेता मनोरमा देवी.

नई दिल्ली. एफिडेविट, शपथ पत्र, हलफनामा. हैं तो तीनों एक ही चीज लेकिन जब ये हलफनामा नॉमिनेशन के दौरान चुनाव आयोग के सामने आता है तो बड़े-बड़े नेताओं की ‘असली तरक्की’ का खुलासा कर देता है. आज हम बिहार चुनाव के एक ऐसे ही कैंडिडेट के हलफनामे के बारे में बात कर रहे हैं. इनका नाम है मनोरमा देवी. JDU के टिकट पर अतरी विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रही हैं. मनोरमा बिहार के बाहुबली नेता बिंदेश्वरी उर्फ बिंदी यादव की पत्नी हैं. बिंदी यादव का इसी साल कोरोना से निधन हुआ है. मनोरमा देवी की तरक्की का अंदाजा आप इसी से लगा सकते हैं कि साल 2015 के एफिडेविट में इनकी संपत्ति 12.24 करोड़ रुपए बताई गई थी, जबकि इस साल इनकी संपत्ति हो चुकी है 89.7 करोड़ रुपए. अगर आपका गणित कमजोर है, तो हम आपको आसान भाषा में बता दें कि मनोरमा देवी की संपत्ति 5 साल में करीब 7 गुना ज्यादा हो गई है.

बैन के बावजूद घर में रखी शराब
ताजा हलफनामे के मुताबिक 89.77 करोड़ रुपए में से उनके पास 44.77 करोड़ रुपए की चल और 45 करोड़ रुपए की अचल संपत्ति है. मनोरमा देवी दिल्ली और आसपास के इलाके में मॉल, होटल और कई पेट्रोल पंप की मालकिन हैं. इससे पहले मनोरमा जेल भी जा चुकी हैं. दरअसल इसके पीछे की कहानी ये है कि साल 2016 में उनके घर से शराब पकड़ी गई थी, जबकि बिहार में शराब पर बैन है. बाद में उन्होंने सरेंडर कर दिया था और वह जेल गई थीं.

मनोरमा देवी के बारे में
मनोरमा यादव का जन्म हुई 1970 में. इनके पिता का नाम हजारा सिंह और मां का नाम कबूतरी देवी है. मनोरमा के पिता एक ट्रक ड्राइवर थे और उनकी मां अपना एक छोटा ढाबा चलाती थीं. मनोरमा ने गर्ल्स हाईस्कूल बाराचट्टी से मैट्रिक और सोभ कॉलेज से इंटर की परीक्षा पास की है. जब वह नेतागिरी में उतरी तो उन्हें एक दबंग महिला के रूप में पहचान मिली. इसी नाम के सहारे उनकी जिंदगी में भी एक ‘बाहुबली’ आ गया. मनोरमा देवी की शादी हुई इलाके के जाने माने नेता बिंदेश्वरी यादव से, जो किसी जमाने में बाहुबली नेता हुआ करते थे. बिंदेश्वरी, लालू यादव के करीबियों में से एक थे.

राजनीति में एंट्री
मनोरमा के परिवारिक राजनीति की कहानी यह है कि उनके पति बिंदी पहली बार 2001 में जिला परिषद का अध्यक्ष बने थे. इसी साल मनोरमा यादव भी मोहनपुर ब्लॉक की प्रमुख बन गईं. ब्लॉक प्रमुख रहते ही मनोरमा ने RJD के टिकट पर एमएलसी का चुनाव लड़ा. इसके बाद वह साल 2003 से साल 2009 तक RJD की टिकट पर एमएलसी रहीं.