बिहार में ‘ब्रह्म बाबा’ की चिट्ठी बनी ‘चुनावी ब्रह्मास्त्र’

लालू प्रसाद यादव (Lalu Prasad Yadav) और नीतीश कुमार (Nitish Kumar) को लिखी रघुवंश प्रसाद (Raghuvansh Prasad) की लिखी चिट्ठियों को NDA चुनावी ब्रह्मास्त्र की तरह इस्तेमाल कर रहा है.
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रघुवंश बाबू, जिन्हें बिहार में लोग ब्रह्म बाबा के नाम से भी जानते हैं. पूर्व केंद्रीय मंत्री समाजवादी नेता लालू प्रसाद यादव (Lalu Prasad Yadav) के साथ 32 वर्षों तक कंधे से कंधा मिलाकर चलने वाले रघुवंश प्रसाद सिंह (Raghuvansh Prasad Singh) स्वर्गवासी हो गए, पंचतत्व में विलीन भी हो गए लेकिन जीवन की सांध्य बेला में उनके द्वारा लिखी गई चिट्ठी अब बिहार के चुनाव में राजनीतिक हथियार बन चुकी है.

लालू प्रसाद यादव और नीतीश कुमार को लिखी रघुवंश बाबू की चिट्ठियों को NDA ने अब चुनावी हथियार बना लिया है. NDA ने रघुवंश बाबू की चिट्ठियों को गांव-गांव तक पहुंचाने की योजना तैयार कर ली है और इसकी जिम्मेदारी जीतन राम मांझी के ‘हम’ को सौंपी गई है.

‘हम’ ने रघुवंश बाबू की चिट्ठियों की लाखों प्रतियां छपवाना शुरू कर दिया है, जिसे गांव-गांव बांटा जाएगा. रघुवंश बाबू ने RJD छोड़ते हुए लालू प्रसाद यादव को जहां मार्मिक चिट्ठी लिखी थी वहीं नीतीश कुमार से वैशाली के विकास की मांग की थी.

उनकी मांग पर ना सिर्फ मुख्यमंत्री बल्कि प्रधानमंत्री ने भी कहा कि रघुवंश बाबू की इच्छा पूरी की जाएगी, हालांकि RJD, रघुवंश बाबू की चिट्ठी पर ही सवाल खड़ा कर रहा है और इसे नीतीश कुमार की साजिश बताने में जुटा हुआ है.

दूसरी तरफ BJP ने यह कहा कि अगर रघुवंश बाबू की चिट्ठी साजिश है तो लालू प्रसाद यादव ने रघुवंश बाबू की किस चिट्ठी का जवाब दिया था. कुल मिलाकर कहें तो रघुवंश बाबू यानी ब्रम्ह बाबा की चिट्ठी बिहार विधानसभा चुनाव में ब्रह्मास्त्र बन चुकी है.

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