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Bihar election 2020 : लवली आनंद राजद में शामिल तो पप्पू यादव ने बनाया नया एलायंस

सोमवार को आनंदमोहन सिंह की पत्नी लवली आनंद JDU को छोड़कर राष्ट्रीय जनता दल में शामिल हो गईं. इस तरह आनंदमोहन सिंह अब लालू के बेटे तेजस्वी को मुख्यमंत्री बनाने के लिए कमर कसकर तैयार हैं.

  • TV9 Hindi
  • Publish Date - 7:19 pm, Mon, 28 September 20

कभी बिहार में यादवों और राजपूतों के वर्चस्व की जंग में एक दूसरे की जान के दुश्मन बने आनंद मोहन सिंह और पप्पू यादव अब खुद को समाजिक न्याय की लड़ाई का मसीहा बताने वाले लालू यादव के बेटे के लिए विधानसभा चुनावों में वोट मांगते दिखते पर ऐसा नहीं हो सकेगा. बिहार की राजनीति में माफिया डॉन को ग्लोरिफाइ करके नेता बनाने की शुरुआत इन्हीं दोनों के साथ हुई थी. सोमवार को आनंदमोहन सिंह की पत्नी लवली आनंद JDU को छोड़कर राष्ट्रीय जनता दल में शामिल हो गईं. इस तरह आनंदमोहन सिंह अब लालू के बेटे तेजस्वी को मुख्यमंत्री बनाने के लिए कमर कसकर तैयार हैं. उधर अब तक विधानसभा चुनावों में महागठबंधन का साथ देने की बात करने वाले पप्पू यादव ने एक नए एलायंस की घोषणा कर दी। पप्पू यादव की जनअधिकार पार्टी, चंद्रशेखर की आजाद की आजाद समाज पार्टी , बीएमपी और सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी आफ इंडिया ने मिलकर नए गठबंधन की घोषणा कर दी है। इस एलायंस को पीडीए ( प्रोग्रेसिव डेमोक्रेटिक एलायंस) के नाम से जाना जाएगा।

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मंडल कमीशन ने बनाया नेता

1990 के विधानसभा चुनावों में पहली बार मधेपुरा से पप्पू यादव विधायक बने तो सहरसा से आनंदमोहन सिंह. पर मंडल कमीशन के विरोध के चलते आनंद मोहन सिंह सवर्णों के लीडर के तौर पर उभरे उधर पप्पू यादव मंडल कमीशन के समर्थन के चलते बैकवर्ड कम्यूनिटी के लीडर के तौर पर पहचान बनाने में कामयाब हुए. बाद में आनंदमोहन सिंह ने बिहार पीपुल्स पार्टी का गठन किया तो पप्पू यादव ने भी अपनी पार्टी बनाई.

एक डीएम की हत्या में जेल में है तो दूसरा विधायक की हत्या में जेल में रहा

सिवान के डीएम जी कृष्णैया की हत्या के आरोप में आनंदमोहन सिंह को फांसी की सजा हुई जो बाद में आजीवन कारावास में बदल गई. पप्पू यादव पर 1998 में CPI विधायक अजित सरकार की हत्या का आरोप है. CBI की विशेष कोर्ट ने उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई पर बाद में पटना हाई कोर्ट ने उन्हें बरी कर दिया. पप्पू ने 5 साल जेल में बिताये हैं.

दोनों ने अपनी पत्नियों को बनाया सांसद

1994 में आनंदमोहन सिंह की पत्नी लवली आनंद वैशाली लोकसभा का उपचुनाव जीतकर संसद भवन पहुंची थीं. 2014 में पप्पू यादव की पत्नी रंजीता रंजन भी कांग्रेस के टिकट पर लोकसभा पहुंची.

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