पिपरा विधानसभा सीट: यहां देखें प्रत्याशी, वोटर्स, जातिगत आंकड़े और इस सीट का पूरा डेटा

Pipra Vidhan Sabha constituency: पूर्वी चंपारण की पिपरा विधानसभा सीट पर पिछले तीन चुनावों से बीजेपी (BJP) और जेडीयू (JDU) के ही उम्मीदवार बाजी मारते रहे हैं.

पूर्वी चंपारण की पिपरा विधानसभा सीट पर पिछले तीन चुनावों से बीजेपी (BJP) और जेडीयू (JDU) के ही उम्मीदवार बाजी मारते रहे हैं.

बिहार एक बार फिर से अपना मुख्यमंत्री चुनने के लिए तैयार है. 3 नवंबर को होने वाले दूसरे चरण के मतदान के लिए सभी पार्टियों ने कमर कस ली है. राज्य की पिपरा विधानसभा सीट एनडीए के धड़े से जेडीयू (JDU) के खाते में गई है और उसने यहां से पार्टी के जिलाध्यक्ष रहे रामविलास कामत को मैदान में उतारा है. वहीं, महागठबंधन से यह सीट सीपीएम (CPM) के हिस्से आई है और उसने यहां से राजमंगल प्रसाद कुशवाहा को अपना प्रत्याशी बनाया है.

सीट का इतिहास

पूर्वी चंपारण की पिपरा विधानसभा सीट पर पिछले तीन चुनावों से भाजपा और जेडीयू के ही उम्मीदवार बाजी मारते रहे हैं. 2015 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के श्यामबाबू यादव ने जदयू के कृष्णचंद्र को करीब चार हजार वोटों से हराया था. 2010 में जदयू के अवधेश कुशवाहा यहां से जीते थे. 2005 के फरवरी और अक्टूबर के विधानसभा चुनाव में भाजपा के कृष्णा नंदन पासवान विधायक इस सीट से विधायक चुने गए थे.

साल 2000 में राजद के सुरेंद्र चंद्रा ने भाजपा के कृष्णा नंदन पासवान को हराया था. पिपरा सीट पर भाजपा को पहली बार 2005 में जीत मिली थी. जब कृष्‍ण नंदन पासवान ने राजद के सतीश पासवार को शिकस्‍त दी थी.

1957 में पिपरा विधानसभा सीट पर पहली बार चुनाव हुए थे. अब तक हुए 15 चुनावों कोई भी नेता यहां से दो बार से ज्यादा नहीं जीत सका है. इस सीट पर अबतक हुए 15 चुनावों में पांच बार कांग्रेस, तीन बार भाजपा और सीपीआई, दो बार जनता दल, एक-एक बार राजद और जदयू ने जीत दर्ज की. पांच बार जीत दर्ज करने वाली कांग्रेस 1985 के बाद यहां कभी नहीं जीती.

कुल वोटरः 3.26 लाख

पुरुष वोटरः 1.73 लाख (53.0%)
महिला वोटरः 1.52 लाख (46.6%)
ट्रांसजेंडर वोटरः 13 (0.003 %)

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