21 प्रदेशों के लिए पीएम मोदी ने शुरू की मत्स्य संपदा योजना-ई गोपाला ऐप, बिहार के पशुपालकों से की ये बातें

पीएम मोदी ने कहा, ‘प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना इसी लक्ष्य को ध्यान में रखकर बनाई गई है. आज देश के 21 राज्यों में इस योजना का शुभारंभ हो रहा है. अगले 4-5 वर्षों में इस पर 20 हज़ार करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च किए जाएंगे.’

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  • Publish Date - 1:18 pm, Thu, 10 September 20

पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) आज मछली पालन और पशुपालन से संबधी बिहार में विभिन्न योजनाओं की शुरुआत की है. इसमें “प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना” और ई-गोपाला ऐप (E-Gopala App) की लॉन्चिंग भी शामिल हैं. इस डिजिटल कार्यक्रम में पीएम मोदी के साथ बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और पशुपालन और मतस्य पालन मंत्री गिरिराज सिंह भी ऑनलाइन जुडे़.

कार्यक्रम की शुरुआत में गिरिराज सिंह ने कहा, ‘आज का दिन केवल बिहार ही नहीं, पूरे देश के लिए सुखद दिन है. कल 60 लाख से अधिक लोगों ने आज के वर्चुअल कार्यक्रम में रजिस्ट्रेशन का आवेदन किया और आज सवा करोड़ लोग इस वर्चुअल कार्यक्रम में शामिल होंगे.’

क्या बोले पीएम मोदी

  • आज जितनी भी ये योजनाएं शुरू हुई हैं उनके पीछे की सोच ही यही है कि हमारे गांव 21वीं सदी के भारत, आत्मनिर्भर भारत की ताकत बनें, ऊर्जा बनें: PM
  • कोशिश ये है कि अब इस सदी में Blue Revolution यानी मछली पालन से जुड़े काम, White Revolution यानी डेयरी से जुड़े काम, Sweet Revolution यानी शहद उत्पादन, हमारे गांवों को और समृद्ध करे, सशक्त करे.
  • प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना इसी लक्ष्य को ध्यान में रखकर बनाई गई है. आज देश के 21 राज्यों में इस योजना का शुभारंभ हो रहा है. अगले 4-5 वर्षों में इस पर 20 हज़ार करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च किए जाएंगे. इसमें से आज 1700 करोड़ रुपए का काम शुरू हो रहा है.

मछली उत्पादकों को नया इंफ्रास्ट्रक्चर मिलेगा

  • बिहार के पटना, पूर्णियां, सीतामढ़ी, मधेपुरा, किशनगंज और समस्तीपुर में अनेक सुविधाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया है. इससे मछली उत्पादकों को नया इंफ्रास्ट्रक्चर मिलेगा, आधुनिक उपकरण मिलेंगे, नया मार्केट भी मिलेगा.
  • देश के हर हिस्से में, समंदर और नदी किनारे बसे क्षेत्रों में मछली के व्यापार-कारोबार को, ध्यान में रखते हुए, पहली बार देश में इतनी बड़ी योजना बनाई गई है. आज़ादी के बाद इस पर जितना निवेश हुआ, उससे भी कई गुना ज्यादा निवेश प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना पर किया जा रहा है.
  • पीएम किसान सम्मान निधि से भी देश के 10 करोड़ से ज्यादा किसानों के बैंक खातों में सीधा पैसा पहुंचाया गया है. इसमें करीब 75 लाख किसान बिहार के भी हैं. अब तक करीब 6 हज़ार करोड़ रुपए बिहार के किसानों के बैंक खाते में जमा हो चुके हैं.

आज शुरू किया गया ‘ई-गोपाला’ ऐप

  • इस बात पर बहुत जोर दिया जा रहा है कि मुफ्त राशन की योजना और प्रधानमंत्री गरीब कल्याण रोज़गार अभियान का लाभ बिहार के हर जरूरतमंद साथी तक पहुंचे, बाहर से गांव लौटे हर श्रमिक परिवार तक पहुंचे: PM
  • पशुओं की अच्छी नस्ल के साथ ही उनकी देखरेख और उसको लेकर सही वैज्ञानिक जानकारी भी उतनी ही ज़रूरी होती है. इसके लिए भी बीते सालों से निरंतर टेक्नॉलॉजी का उपयोग किया जा रहा है. इसी कड़ी में आज ‘ई-गोपाला’ app शुरू किया गया है.
  • ई- गोपाला app एक ऐसा digital माध्यम होगा जिससे पशुपालकों को उन्नत पशुधन को चुनने में आसानी होगी, उनको बिचौलियों से मुक्ति मिलेगी. ये app पशुपालकों को उत्पादकता से लेकर उसके स्वास्थ्य और आहार से जुड़ी तमाम जानकारियां देगा.

लोकल प्रोडक्ट्स के लिए और ज्यादा वोकल होना है

  • अब भारत उस स्थिति की तरफ बढ़ रहा है जब गांव के पास ही ऐसे क्लस्टर बनेंगे जहां फूड प्रोसेसिंग से जुड़े उद्योग भी लगेंगे और पास ही उससे जुड़े रिसर्च सेंटर भी होंगे. यानी एक तरह से हम कह सकते हैं- जय किसान, जय विज्ञान और जय अनुसंधान.
  • यहां के फल, चाहे वो लीची हो, जर्दालू आम हो, आंवला हो, मखाना हो, या फिर मधुबनी पेंटिंग्स हो,ऐसे अनेक प्रोडक्ट बिहार के जिले-जिले में हैं. हमें इन लोकल प्रोडक्ट्स के लिए और ज्यादा वोकल होना है. हम लोकल के लिए जितना वोकल होंगे, उतना ही बिहार आत्मनिर्भर बनेगा.
  • पूर्णिया जिले में मक्का के व्यापार से जुड़ा ‘अरण्यक FPO’ और कोसी क्षेत्र में महिला डेयरी किसानों की ‘कौशिकी मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी’, ऐसे अनेक समूह प्रशंसनीय काम कर रहे हैं. अब तो हमारे ऐसे उत्साही युवाओं के लिए, बहनों के लिए केंद्र सरकार ने विशेष फंड भी बनाया है.