कोसी रेल महासेतु: 86 साल बाद मिथलांचल का इंतजार खत्म, PM मोदी ने जमकर की रेलवे की तारीफ

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने आज बिहार में कोसी रेल महासेतु (Kosi Rail Mahasetu) का उद्घाटन किया. इसके साथ ही मिथलांचल का 86 साल का इंतजार खत्म हो गया और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का इसको लेकर देखा गया सपना भी पूरा हो गया.

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  • Publish Date - 1:20 pm, Fri, 18 September 20

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने आज बिहार में कोसी रेल महासेतु (Kosi Rail Mahasetu) का उद्घाटन किया. इसके साथ ही मिथलांचल का 86 साल का इंतजार खत्म हो गया और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का इसको लेकर देखा गया सपना भी पूरा हो गया. पीएम मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से कोसी रेल महासेतु (Kosi Rail Mahasetu) का उद्घाटन किया. बता दें कि 86 साल बाद दो हिस्सों में बंटा मिथलांचल रेल मार्ग की मदद से जुड़ा है.

कोसी रेल महासेतु (Kosi Rail Mahasetu) का उद्घाटन करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि बिहार में नदियों की वजह से राज्य के अनेक हिस्से एक दूसरे से कट जाते हैं और सफर लंबा हो जाता है. इस मौके पर पीएम मोदी ने कोरोना काल में किए गए काम के लिए रेलवे की तारीफ भी की.

इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने क्या-क्या कहा पढ़िए

  • नीतीश की सरकार बनने से पहले तक बिहार में इक्का-दुक्का मेडिकल कॉलेज हुआ करते थे. इससे बिहार में मरीजों को तो भारी दिक्कत थी ही बिहार के मेधावी युवाओं को भी मेडिकल की पढ़ाई के लिए दूसरे राज्यों का रुख करना पड़ता था.
  • जिस तरह से कोरोना के इस संकटकाल में रेलवे ने काम किया है, काम कर रही है, उसके लिए मैं भारतीय रेल के लाखों कर्मचारियों की विशेष प्रशंसा करता हूं. देश के लाखों श्रमिकों को श्रमिक स्पेशल ट्रेनों के माध्यम से सुरक्षित घर पहुंचाने के लिए रेलवे ने दिन-रात एक कर दिया था.
  • आज कोसी महासेतु होते हुए सुपौल-आसनपुर कुपहा के बीच ट्रेन सेवा शुरू होने से सुपौल, अररिया और सहरसा जिले के लोगों को बहुत लाभ होगा. यही नहीं, इससे नॉर्थ ईस्ट के साथियों के लिए एक वैकल्पिक रेलमार्ग भी उपलब्ध हो जाएगा.
  • 4 साल पहले, उत्तर और दक्षिण बिहार को जोड़ने वाले दो महासेतु, एक पटना में और दूसरा मुंगेर में शुरु किए गए थे. इन दोनों रेल पुलों के चालू हो जाने से उत्तर बिहार और दक्षिण बिहार के बीच, लोगों का आना-जाना और आसान हुआ है.
  • जब नीतीश रेल मंत्री थे, जब पासवान रेल मंत्री थे, तो उन्होंने भी इस समस्या को दूर करने के लिए बहुत प्रयास किया था. लेकिन फिर एक लंबा समय वो आया, जब इस दिशा में ज्यादा काम ही नहीं किया गया.
  • बिहार में गंगा जी हों, कोसी हो, सोन हों, नदियों के विस्तार के कारण बिहार के अनेक हिस्से एक-दूसरे से कटे हुए रहे हैं. बिहार के करीब-करीब हर हिस्से के लोगों की एक बड़ी दिक्कत रही है, नदियों की वजह से होने वाला लंबा सफर.
  • आज बिहार में रेल कनेक्टिविटी के क्षेत्र में नया इतिहास रचा गया है. कोसी महासेतु और किउल ब्रिज के साथ ही बिहार में रेल यातायात, रेलवे के बिजलीकरण और रेलवे में मेक इन इंडिया को बढ़ावा देने, नए रोजगार पैदा करने वाले एक दर्जन प्रोजेक्ट्स का आज लोकार्पण और शुभारंभ हुआ है.