सासाराम विधानसभा सीट: यहां देखें प्रत्याशी, वोटर्स, जातिगत आंकड़े और इस सीट का पूरा डेटा

Sasaram Vidhan Sabha constituency: सासाराम विधानसभा सीट पर 17.55 फीसदी अनुसूचित जाति और 1.37 फीसदी अनुसूचित जनजाति के मतदाता हैं. जाति के हिसाब से कोइरी, मुस्लिम इस सीट पर अहम भूमिका में हैं.

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  • Publish Date - 1:08 pm, Wed, 14 October 20
सासाराम विधानसभा सीट पर 17.55 फीसदी अनुसूचित जाति और 1.37 फीसदी अनुसूचित जनजाति के मतदाता हैं.

बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण के चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया पूरी हो गई है. राज्य के रोहतास जिले की सासाराम सीट से अशोक कुमार जेडीयू (JDU) के टिकट पर चुनावी मैदान में हैं. 2015 के चुनाव में वो आरजेडी (RJD) के टिकट पर यहां से जीते थे. महागठबंधन की ओर से आरजेडी ने राजेश कुमार को अपना प्रत्याशी बनाया है. वहीं, एलजेपी (LJP) के टिकट पर रामेश्वर चौरसिया यहां से चुनावी मैदान में हैं.

सीट का इतिहास

रोहतास जिले की सासाराम विधानसभा सीट पर करीब दो दशक से बीजेपी और आरजेडी के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिलती रही है. लेकिन इस बार के समीकरण ने इस सीट को और भी चर्चित बना दिया है. 2015 के विधानसभा चुनाव में यहां से आरजेडी के टिकट पर चुनाव जीते अशोक कुमार ने पार्टी बदल ली है और वो अब सत्तारुढ़ दल जेडीयू के खेमे में हैं.

अशोक कुमार 2015 में बीजेपी के उम्मीदवार जवाहर प्रसाद को 19,612 वोटों से हराकर विधानसभा पहुंचे थे. उनके जेडीयू में शामिल की वजह से इस सीट पर मुकाबला और भी दिलचस्प हो गया है. 1990 से लेकर 2015 के बीच यहां से पांच बार बीजेपी के उम्मीदवार जवाहर प्रसाद ने जीत का परचम लहराया है, वहीं, दो बार ही ये सीट आरजेडी के खाते में गई. जेडीयू को अभी तक सीट पर जीत हासिल नहीं हुई है.

 1957 में पहली बार इस सीट पर डाले गए वोट

1990 और 1995 में बीजेपी के टिकट पर जवाहर प्रसाद ने इस सीट पर कब्जा जमाया था. इसके बाद साल 2000 के विधानसभा चुनाव में आरजेडी के उम्मीदवार अशोक कुमार चुनाव जीते थे, लेकिन 2005 के चुनाव में फिर से जवाहर प्रसाद ने वापसी की और 2010 का चुनाव भी अपने नाम किया, लेकिन 2015 के चुनाव में एक बार फिर अशोक कुमार ने आरजेडी को कड़े मुकाबले में हराकार यहां से विधायक बने.

सासाराम की विधानसभा सीट पर पहली बार साल 1957 में वोट डाले गए थे. उस चुनाव में प्रजा सोशलिस्ट पार्टी के रामाधर दुसाध दूसरे विधायक के तौर पर जीते थे. इस सीट पर कांग्रेस ने भी दो बार जीत हासिल की है और आखिरी बार 1967 के विधानसभा चुनाव में उसके खाते में सासाराम की सीट गई थी.

जातीय समीकरण
सासाराम विधानसभा सीट पर 17.55 फीसदी अनुसूचित जाति और 1.37 फीसदी अनुसूचित जनजाति के मतदाता हैं. जाति के हिसाब से कोइरी, मुस्लिम इस सीट पर अहम भूमिका में हैं. यादव और राजपूत वोटर भी निर्णायाक साबित होते रहे हैं. 1995 में सबसे ज्यादा 58.72% वोटिंग हुई थी. तब 68.01% पुरुष और 48.51% महिलाओं ने वोट डाला था.

कुल वोटरः 3.42 लाख

पुरुष वोटरः 1.78 लाख (52.09%)
महिला वोटरः 1.63 लाख (47.64%)
ट्रांसजेंडर वोटरः 3 (0.001%)