शिवहर विधानसभा सीट: यहां देखें प्रत्याशी, वोटर्स, जातिगत आंकड़े और इस सीट का पूरा डेटा

Sheohar Vidhan Sabha constituency: शिवहर विधानसभा सीट पर मुस्लिम और राजपूत वोट 10 फीसदी से अधिक है. ब्राह्मणों की भूमिका यहां निर्णायक साबित होते हैं.

  • TV9 Hindi
  • Publish Date - 3:27 pm, Sat, 17 October 20
रघुनाथपुर विधानसभा सीट पर मुस्लिम और यादव वोटर बड़ी संख्या में हैं.

बिहार एक बार फिर अपना मुख्यमंत्री चुनने के लिए तैयार है. राज्य में चुनावी बयार बह रही है और दूसरे चरण की विधानसभा सीटों पर अपनी किस्मत आजमा रहे सभी सियासी दलों के उम्मीदवारों ने अपनी जीत के लिए पूरा जोर लगा दिया है. राज्य की शिवहर सीट से आरजेडी ( RJD) के टिकट पर पूर्व सांसद आनंद मोहन सिंह के बेटे चेतन आनंद महागठबंधन के प्रत्याशी हैं. वहीं. एनडीए से यह सीट जेडीयू (JDU) के खाते में गई है और पार्टी ने यहां से अपने वर्तमान विधायक पर ही भरोसा जताया है. जेडीयू ने मो. शरफूद्दीन को एक बार फिर यहां से चुनावी मैदान में उतारा है. एलजेपी (LJP) के टिकट पर यहां से विजय कुमार पांडेय चुनावी ताल ठोक रहे हैं.

सीट का इतिहास

दिग्गज नेता रघुनाथ झा का गढ़ रहा शिवहर अब जदयू के रंग रंगने लगा है. 2015 के विधानसभा चुनाव में जदयू के शर्फुद्दीन लगातार दूसरी बार यहां से विधायक बने. शर्फुद्दीन ने हम के लवली आनंद को महज 461 वोटों से हराया था. 2010 में उन्होंने बसपा की प्रतिमा देवी मात दी थी. रघुनाथ झा लगातार 6 बार शिवहर से विधायक रहे और उन्होंने बिहार सरकार में कई विभागों की कमान भी संभाला था. 2005 के विधानसभा चुनाव में फरवरी और अक्टूबर में यहां से राजद के अजीत कुमार झा जीते थे. वहीं, 2000 में राजद के ही सत्यनारायण प्रसाद विधायक ने यहां से बाजी मारी थी.

1998 के उप चुनाव में ठाकुर रत्नाकर ने छह बार के विधायक रघुनाथ झा को पटखनी दी थी.1972 से 1995 तक लगातार छह बार रघुनाथ झा शिवहर से विधायक चुने गए थे. पहले तीन बार कांग्रेस के टिकट पर विधानसभा पहुंचे थे. 1985 में जनता पार्टी तो 1990 और 1995 में जनता दल के टिकट पर इस सीट से विजयी हुए थे. 1998 में पाला बदलकर समता पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़े रघुनाथ झा को हार मिली थी.

अबतक इस सीट पर हुए 17 चुनावों में चार बार कांग्रेस, तीन-तीन बार राजद और निर्दलीय, दो-दो बार जदयू और जनता दल, एक-एक बार एजीपी, जनता पार्टी और भारतीय क्रांति दल को इस सीट से जीत मिली है. शिवहर उन सीटों में शामिल है जहां भाजपा आज तक जीत दर्ज नहीं कर पाई है.

जातीय समीकरण
शिवहर विधानसभा सीट पर मुस्लिम और राजपूत वोट 10 फीसदी से अधिक है. ब्राह्मणों की भूमिका यहां निर्णायक साबित होते हैं. इस सीट पर पहली बार 1957 में चुनाव हुए थे और सबसे ज्यादा 73.9% वोटिंग 1980 में हुई थी. 2015 में यहां 54.8% वोट ही पड़े थे.

कुल वोटरः 2.89 लाख

पुरुष वोटरः 1.54 लाख (53.2%)
महिला वोटरः 1.35 लाख (46.7%)
ट्रांसजेंडर वोटरः 10 (0.003%)