सीतामढ़ी विधानसभा सीटः यहां देखें प्रत्याशी, वोटर्स, जातिगत आंकड़े और इस सीट का पूरा डेटा

Sitamarhi Vidhan Sabha constituency: सीतामढ़ी विधानसभा सीट पर मुस्लिम वोटरों की संख्या ज्यादा है, लेकिन ब्राह्मण-राजपूत और यादव वोटर निर्णायक भूमिका में हैं.

  • TV9 Hindi
  • Publish Date - 7:07 am, Sun, 18 October 20
सीतामढ़ी विधानसभा सीट पर मुस्लिम वोटरों की संख्या ज्यादा है, लेकिन ब्राह्मण-राजपूत और यादव वोटर निर्णायक भूमिका में हैं.

बिहार एक बार फिर से अपना मुख्यमंत्री चुनने के लिए तैयार है. 3 नवंबर को होने वाले दूसरे चरण के मतदान के लिए सभी पार्टियों ने कमर कस ली है. राज्य की सीतामढ़ी विधानसभा सीट (Sitamarhi Vidhan Sabha) पर बीजेपी (BJP) और आरजेडी (RJD) के बीच सीधी टक्कर है. बीजेपी के टिकट पर यहां से डॉ मिथलेश कुमार एनडीए के प्रत्याशी हैं. वहीं, महागठबंधन की ओर से आरजेडी ने सुनील कुमार कुशवाहा को इस सीट से चुनावी मैदान में उतारा है. दूसरे चरण का मतदान 3 नवंबर को 13 जिलों की 94 विधानसभा सीटों पर होगा.

सीट का इतिहास

साल 2003 से ही भाजपा के गढ़ के रूप में उभरी सीतामढ़ी विधानसभा सीट पर आरजेडी ने पिछले विधानसभा चुनाव में सेंध लगा दी. 2015 के विधानसभा चुनाव में राजद के सुनील कुमार ने चार बार के भाजपा विधायक सुनील कुमार पिंटू को 14,722 वोटों से हराया था. सुनील कुमार 2003 के उप-चुनाव में पहली बार इस सीट से विधायक बने थे. उसके बाद फरवरी 2005, अक्टूबर 2005 और 2010 में भी पिंटू भाजपा के टिकट पर जीतकर यहां पटना विधानसभा पहुंचने में सफल रहे थे.

अब तक इस सीट पर हुए 15 चुनावों में पांच बार भाजपा, चार बार कांग्रेस, दो बार राजद, एक-एक बार जनता दल, सीपीआई, संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी और सोशलिस्ट पार्टी के प्रत्याशी इस सीट से जीते हैं. साल 1957 और 1962 में सीतामढ़ी उत्तर और दक्षिण नाम से दो सीटें थीं. 1957 में उत्तर सीट पर कांग्रेस के कुलदीप नारायण यादव और दक्षिण सीट पर प्रजा सोशलिस्ट पार्टी के राम सेवक सरन जीते थे. 2015 में भाजपा के टिकट पर हारे सुनील कुमार पिंटू 2019 के लोकसभा चुनाव में जेडीयू के टिकट पर जीतकर संसद पहुंचे.

जातीय समीकरण
इस सीट पर मुस्लिम वोटरों की संख्या ज्यादा है, लेकिन ब्राह्मण-राजपूत और यादव वोटर निर्णायक भूमिका में हैं. इस बार भाजपा और जदयू एक साथ चुनाव लड़ रही हैं. ऐसे में महागठबंधन के प्रत्‍याशी को सीतामढ़ी सीट पर कड़े मुकाबले का सामना करना पड़ सकता है.

कुल वोटरः 2.76 लाख

पुरुष वोटरः 1.47 लाख (53.2%)
महिला वोटरः 1.28 लाख (46.3%)
ट्रांसजेंडर वोटरः 19 (0.006%)