बिहार बंद को मिला विपक्ष का समर्थन, ट्रैक्टर लेकर सड़कों पर उतरे तेजस्वी यादव

कृषि विधेयकों (Agriculture Bills) के खिलाफ 25 सितंबर को किसान संगठनों ने ‘भारत बंद’ (Bharat Band) का आह्वान किया. बिहार में विपक्षी दलों ने विधेयकों के खिलाफ विरोध दर्ज कर इस बंद का समर्थन किया.

  • IANS
  • Publish Date - 8:24 pm, Fri, 25 September 20
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मानसून सत्र (Monsoon Session) में संसद से पास कृषि विधेयकों (Agriculture Bills) के खिलाफ देशभर में किसान संगठन और विपक्षी दल सड़कों पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. 25 सितंबर को किसान संगठनों ने ‘भारत बंद’ (Bharat Band) का आह्वान किया, जिसे कई राज्यों में विपक्ष ने समर्थन दिया.

न्यूज एजेंसी आईएएनएस की खबर के मुताबिक बिहार में राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव और जन अधिकार पार्टी के प्रमुख पप्पू यादव किसानों के समर्थन में ट्रैक्टर लेकर सड़कों पर उतर आए. इसके अलावा कई विपक्षी दलों के नेता और कार्यकर्ता भी सड़कों पर उतरे और कृषि विधेयकों के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया.

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तेजस्वी ने केंद्र और राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि इस बिल की वजह से किसान हताश, निराश और लाचार हैं. इस बिल ने अन्नदाताओं को तोड़ दिया है. किसान और गरीब होता जाएगा. इस बिल को हर हाल में सरकार को वापस लेना चाहिए. तेजस्वी अपने आवास से निकलकर पार्टी कार्यालय पहुंचे. इसके बाद वे आयकर गोलंबर, डाकबंगला चैराहा होते हुए जिला कार्यालय तक गए.

तेजस्वी ने कहा कि किसानों का सुरक्षा कवच न्यूनतम समर्थन मूल्य अब समाप्त हो गया है. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार किसानों की आय को दोगुना करने की बात करती थी लेकिन अब कृषि क्षेत्र का भी निजीकरण, ठेका प्रथा और कॉपोर्रेटीकरण कर रही है. RJD ने कृषि बिल को किसान विरोधी बता दिया और राज्य के सभी जिला मुख्यालयों में सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया.

वहीं दूसरी ओर जन अधिकार पार्टी (JAP) के अध्यक्ष पप्पू यादव ‘बिहार बंद’ को सफल बनाने के लिए सड़कों पर उतरे. पप्पू यादव ने संसद से पास हुए तीनों कृषि विधेयकों को किसान विरोधी बताया. ट्रैक्टर पर बैठ कर वे इनकम टैक्स गोलम्बर से डाक बंगला चैराहा तक गए और अपना विरोध जताया. बंद के समर्थन में हजारों समर्थक और आम जनता सड़क पर आई और इन कानूनों को वापस लेने की मांग की.

पप्पू यादव ने कहा कि इस कानून ने देश की आत्मा को चोट पहुंचाई है. ये अन्नदाता को कमजोर करने वाला कानून है. देश की आधी आबादी कृषि और कृषि आधारित रोजगारों पर निर्भर है और इस कानून से ये पूरी आधी आबादी प्रभावित होगी.

पुलिस ने लिया हिरासत में

यूनियन डेमोक्रेटिक अलायंस (UDA) के घटक दल भारतीय सबलोग पार्टी और जनता दल राष्ट्रवादी के नेता ने भी केंद्र सरकार के खिलाफ पटना के जे.पी. गोलंबर पर जुलूस निकाल कर प्रदर्शन किया. प्रदर्शन का नेतृत्व जनता दल राष्ट्रवादी के राष्ट्रीय संयोजक अशफाक रहमान और पूर्व सांसद और भारतीय सबलोग पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अरूण कुमार ने किया. इस मौके पर पूर्व मंत्री रेणु कुशवाहा भी मौजूद थी.

प्रदर्शन के दौरान उन्होंने जमकर NDA सरकार के खिलाफ नारेबाजी की, जिसके बाद पुलिस ने इन्हें हिरासत में ले लिया. उधर रालोसपा भी कृषि विधेयक को लेकर सड़क पर उतरी. रालोसपा के किसान प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष सुभाष सिंह कुशवाहा ने कहा कि बिल को सरकार वापस ले.