38 साल..जिद और एक लाख पौधे ….देश के लिए कुर्बानी देने वालों के नाम से गुलज़ार कर दी पहाड़ी

दिलीप कुमार सिकंदर कुछ ऐसा कर रहे हैं, कि शहीदों की यादों को संजोया जा सके. 54 साल के दिलीप का दावा है कि उन्होंने 1982 से गया की ब्रह्मयोनि पहाड़ी पर क़रीब 1 लाख पौधे लगाए हैं.

देश के लिए अपने प्राणों को न्योछावर करने करने वाले शहीदों का कर्ज कोई नहीं उतार सकता, लेकिन बिहार के रहने वाले दिलीप कुमार सिकंदर कुछ ऐसा कर रहे हैं कि शहीदों की यादों को संजोया जा सके. 54 साल के दिलीप का दावा है कि उन्होंने 1982 से गया की ब्रह्मयोनि पहाड़ी पर क़रीब 1 लाख पौधे लगाए हैं.

बातचीत में दिलीप ने बताया कि उन्होंने पहाड़ी पर शहीदों और स्वतंत्रता सेनानियों के नाम से पौधे लगाए हैं. दिलीप कहते हैं कि बचपन के दिनों में वो इस पहाड़ी पर पिकनिक मनाने आया करते थे. मैंने उस वक्त जब अपने पिता से पूछा कि पहाड़ी पर पेड़ क्यों नहीं है. उन्होंने मेरे सवाल के जवाब में एक कहावत बताते हुए कहा कि गया में पहाड़ बिना पेड़ों के थे. उस दिन के बाद से मैने इस पहाड़ी को सुनहरा बनाने का फैसला कर लिया.

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इनके नाम से गुलज़ार कर दी पहाड़ी

दिलीप ने कहा कि मैने नेताजी सुभाष चंद्र बोस, महात्मा गांधी, रानी लक्ष्मीबाई, वीर कुंवर सिंह, भगत सिंह, राजगुरु, लोकमान्य तिलक के नाम से पौधे लगाए हैं. अब मैने अपने सैनिकों को सम्मान देने के लिए उनके नाम पर भी पौधे लगाने शुरू कर दिया है. हमारे सैनिकों ने राष्ट्र के लिए बलिदान दिया है.

दिलीप ने बताया कि उनके प्रयासों के लिए राज्य सरकार उन्हें एक बार सम्मानित कर चुकी है. उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी के इलाके में दौरे के वक्त उनसे इस पहाड़ी को वनक्षेत्र घोषित करने की मांग की थी, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ.

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सिकंदर अब पीएम नरेंद्र मोदी से इस ओर ध्यान देने की मांग कर रहे हैं. दिलीप बताते हैं कि मुझे सीएम नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी की तरफ से इस काम के लिए प्रशस्ति पत्र सौंपा गया है, लेकिन इस क्षेत्र को संरक्षित वन क्षेत्र बनाने के सुझाव पर मुझे कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है.

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