नेपाल ने नक्शा विवाद को दी और हवा, पड़ोसी देश के इन 2 नए फैसलों से बढ़ सकता है तनाव

नेपाल की सरकार ने दो और ऐसे फैसले लिए हैं जो दोनों देशों (भारत और नेपाल) की दोस्ती के लिए अच्छे नहीं हैं. इससे पहले नेपाल ने विवादित नक्शे को संसद में पास करके रिश्तों में तनाव (India Nepal Border Dispute) पैदा किया था.

KP Sharma Oli

चीन की बातों में आकर पड़ोसी देश नेपाल (India Nepal Border Dispute) बार-बार ऐसे कदम उठा रहा है जिससे मधुर संबंधों में पड़ी दरार बड़ी होती दिख रही है. अब नेपाल की सरकार ने दो और ऐसे फैसले लिए हैं जो दोनों देशों (भारत और नेपाल) की दोस्ती के लिए अच्छे नहीं हैं. नेपाल की सरकार ने जिस विवादित नक्शे को पास किया था अब उसे स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल कर दिया है. इतना ही नहीं नए सिक्के भी बनाने की मंजूरी दी गई है जिसपर नेपाल का नया और विवादित नक्शा होगा.

नेपाल के शिक्षा मंत्री गिरिराज मणि पोखरियाल ने खुद किताब के बारे में जानकारी दी है. पड़ोसी देश में ‘नेपल्को भूभग रा सीमसम्बन्धि स्वाध्याय समाग्री’ नाम की किताब लाई गई है. इसका मतलब है नेपाल का भूगोल और क्षेत्रीय सीमा. इसे वहां के सीनियर सकेंडरी के छात्रों को पढ़ाया जाएगा. इस किताब की प्रस्तावना पोखरियाल ने खुद लिखी है.

नेपाल की किताब में क्या है विवादित

खबर के मुताबिक, किताब में उत्तराखंड में स्थित कालापानी को नेपाल का हिस्सा बताया गया है. किताब में कहा गया है कि नेपाल का क्षेत्रफल 1,47,641.28 स्कॉयर किलोमीटर है, जिसमें 460 स्कॉयर किलोमीटर कालापानी वाला भी शामिल है.

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इसी दिन नेपाल की सरकार ने एक और फैसला लिया है. इसमें वहां के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली (KP Sharma Oli) ने देश के केंद्रीय बैंक (नेपाल राष्ट्रीय बैंक) को नए सिक्के बनाने की मंजूरी दी है. एक और दो रुपये के इन सिक्कों पर नेपाल नया नक्शा छापेगा. यह सिक्के दशहरा तक प्रचलन में आ जाएंगे.

बता दें कि नेपाल लिम्पियाधुरा, लिपुलेख और कलापानी के इलाके को अपना (India Nepal Border Dispute) बताता रहा है. पिछले दिनों जब हमारी सरकार ने लिपुलेख रोड का उद्घाटन किया था तो नेपाल ने आपत्ति जताई थी. इसके बाद नेपाल की संसद ने नया नक्शा पास करके इन इलाकों को अपना बताने का दावा किया.

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