दिल्ली: चीन के बड़े जासूसी नेटवर्क का भांडाफोड़, पत्रकार और चीनी महिला समेत तीन गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस ने 61 साल के वरिष्ठ पत्रकार राजीव शर्मा को उनके पीतमपुरा के घर से 14 सितंबर को गिरफ्तार किया था. आरोप है कि राजीव शर्मा चीन (China) के इंटेलीजेंस अफसरों को भारतीय सेना और रक्षा से जुड़े दस्तावेज भेज रहे थे.

दिल्ली पुलिस ने एक वरिष्ठ पत्रकार राजीव शर्मा को चीन के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया है. उनके साथ एक चीनी महिला और एक नेपाल के नागरिक को गिरफ्तार किया गया है. आरोप है कि इन दोनों के जरिए सेल कंपनी बना कर राजीव को जासूसी के एवज में पैसा सौंपा जा रहा था.

दिल्ली पुलिस ने 61 साल के वरिष्ठ पत्रकार राजीव शर्मा को उनके पीतमपुरा के घर से 14 सितंबर को गिरफ्तार किया था. आरोप है कि राजीव शर्मा चीन के इंटेलीजेंस अफसरों को भारतीय सेना और रक्षा से जुड़े दस्तावेज भेज रहे थे और इसके बदले उन्हें वहां से काफी पैसा आ रहा था. उनके घर से रक्षा से जुड़े कई खुफिया दस्तावेज बरामद हुए हैं. राजीव करीब 40 साल से पत्रकारिता में हैं. देश के बड़े-बड़े अखबारों, न्यूज एजेंसियों के लिए काम कर चुके हैं, लेकिन 2010 से वो स्वतंत्र पत्रकारिता कर रहे थे और उनके पास पीआईबी कार्ड भी था.

पुलिस के मुताबिक, राजीव की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने एक नेपाली नागरिक राज भोरा और चीनी महिला किंग शी को भी गिरफ्तार किया है. ये दोनों दिल्ली के महिपालपुर में एमजेड फार्मेसी और एमजेड मॉल नाम से दो सेल कंपनी चलाते हैं. इन सेल कंपनी के जरिए ही राजीव को अब तक चीन से 30 लाख रुपये से ज्यादा का पेमेंट आ चुका है. हालांकि, इन दोनों कंपनियों के असली मालिक एक चीनी दंपत्ति है, जो चीन में हैं और सूरज और उषा नाम से कंपनी चलाते हैं.

ग्लोबल टाइम्स से लेकर दलाई लामा तक…

  • राजीव 2010 से 2014 तक चीनी सरकार के मुखपत्र ग्लोबल टाइम्स के लिए लिखते थे.
  • उनके लेख देखकर एक चीनी खुफिया एजेंसी के अफसर माइकल ने उनसे लिंकडिन अकॉउंट के जरिए उनसे संपर्क किया.
  • उन्हें चीन बुलाया गया और भारत-चीन रिश्तों के कई पहलुओं से जुड़ी जानकारी ली गई.
  • उनसे भूटान, सिक्किम और सिक्किम के ट्राई जंक्शन, डोकलाम, भारत-म्यांमार के रिश्तों और भारत-चीन सीमा पर सेना की तैनाती से जुड़ी जानकारी ली गई.
  • राजीव की माइकल के साथ मुलाकात मालदीव और दूसरे देशों में हुई.
  • 2019 में राजीव की मुलाकात चीन के एक दूसरे खुफिया अफसर जॉर्ज से चीन में हुई.
  • जॉर्ज ने राजीव से दलाई लामा से जुड़ी जानकारी देने और उनके बारे में लिखने के लिए कहा.

हवाला के जरिए पहुंच रहा था पैसा

जॉर्ज ने खुद को चीन की एक मीडिया कंपनी का जनरल मैनेजर बताया और राजीव से कहा अगर वो ये काम करेंगे, तो उनके लिए महिपालपुर की एक कंपनी के जरिए एक जानकारी या लेख के लिए 500 यूएस डॉलर से ज्यादा पैसा पहुंच जाएगा. राजीव को 10 किश्तों में हवाला और सेल कंपनी के जरिए पिछले एक साल में 30 लाख से ज्यादा रुपया पहुंचा दिए गए.

“चीनी महिला ने पीएम मोदी के आवाहन पर दीया भी जलाया”

वहीं जांच के दौरान पता चला है कि किंग शी वसंत कुंज के अपार्टमेंट के टावर नंबर G10 के फ्लैट नंबर 204 में जनवरी 2019 से किराए पर रह रही थी. फ्लैट में उसके साथ शेर सिंह भी रहता था. अपार्टमेंट के केयरटेकर और स्टाफ ने बातचीत में बताया कि किंग शी और शेर सिंह दोनों काफी रिज़र्व नेचर के थे. किसी से ज्यादा बातचीत नहीं करते थे. यहां तक कि उसी फ्लोर पर रहने वाले दूसरे लोगों ने भी ऑफ रिकॉर्ड बताया कि किंग शी किसी से बात नहीं करती थीं.

कोरोना काल में उसने और साथी ने भी यहां के लोगों को बहलाने के लिए अपनी बालकनी में PM मोदी के आवाहन पर दीया जलाया था. साथ ही, बताया गया है कि अर्पाटमेंट के स्टॉफ को अकसर गिफ्ट प्रलोभन देते थे. किंग शी अकसर देर रात आती थी और सुबह जल्दी चली जाती थी. किसी से ज्यादा मुलाकात नहीं करती थी. इसी फ्लैट पर रेड कर स्पेशल सेल ने उसके लैपटॉप, हार्डडिस्क और पेन ड्राइव बरामद किए हैं. कई अहम दस्तावेज भी यहां से मिले हैं.

भारतीय सेना से जुड़े कई दस्तावेज भी मिले

इस पूरे जासूसी कांड को अंजाम देने के लिए किंग शी ने महिपालपुर में एमजेड फार्मेसी अपना ऑफिस बनाया हुआ था, जिसमें किंग शी के साथ शेर सिंह भी इस कंपनी में डायरेक्टर था. किंग शी रोज सुबह अपने इसी ऑफिस में आती थी. इस ऑफिस से भी कई इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स स्पेशल सेल ने सीज किए हैं. भारतीय सेना से जुड़े कई दस्तावेज भी यहां से मिले हैं. राजीव शर्मा ने कई बार इसी ऑफिस में किंग शी से मुलाकात की थी.

शेल कंपनियों की जांच के लिए ED को पत्र

पुलिस के मुताबिक, जो चीनी महिला किंग शी पकड़ी गई है, उसने जामिया में एक कोर्स में एडमिशन लिया था, लेकिन उसका असली काम भारतीय सेना की जासूसी करना था. अब स्पेशल सेल और जांच एजेंसियां इस जासूसी नेक्सस के बाकी लोगों की तलाश में जुटी है. साथ ही स्पेशल सेल ने किंग शी, राजीव शर्मा और शेर सिंह के तमाम इलेक्ट्रॉनिक गेजेट्स को कंप्यूटर इलेक्ट्रॉनिक रेस्पांस टीम को भेज दिया है, ताकि इनसे डिलीट किए गए डाटा को वापस हासिल किया जा सके. वहीं इस जासूसी कांड में इस्तेमाल होने वाली सभी शेल कंपनियों की तफ्तीश के लिए दिल्ली पुलिस ने ED को भी चिट्ठी लिखी है.

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