मध्य प्रदेश: ज्योतिरादित्य सिंधिया की सभा में किसान की मौत, कांग्रेस बोली – फिर भी चलता रहा भाषण

मध्यप्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) की रैली में रविवार को एक किसान की मौत हो गई. अब इसपर राजनीति शुरू हो गई है.

Jyotiraditya Scindia
बीजेपी नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया (फाइल फोटो)

मध्यप्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) की रैली में रविवार को एक किसान की मौत हो गई. अब इसपर राजनीति शुरू हो गई है. सिंधिया की यह रैली मूंदी में थी. वहां वह मांधाता विधानसभा सीट उपचुनाव के लिए सभा कर रहे थे. इसमें मौजूद 70 वर्षीय एक किसान की कथित रूप से दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई.

किसान की मौत के बाद कांग्रेस ने बीजेपी और सिंधिया (Jyotiraditya Scindia को घेरना शुरू कर दिया है. जिसपर सिंधिया ने पलटवार भी किया. दरअसल कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि किसान की मौत के बाद भी बीजेपी नेता मंच से भाषण देते रहे और उनका कोई भी नेता उस किसान को देखने मंच से नीचे नहीं उतरा. इसपर सिंधिया ने पलटवार भी किया है.

मूंदी पुलिस थाना प्रभारी अंतिम पवार ने कहा कि ग्राम चांदपुर निवासी 70 वर्षीय किसान जीवन सिंह मूंदी में रविवार को आयोजित आमसभा में आए थे. उनकी तबीयत अचानक बिगड़ी और वह कुर्सी पर गिर गए. पुलिस अधिकारी के मुताबिक, किसान को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.

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पवार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में पता चला है कि किसान की मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई. वहीं, प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जब किसान ने दम तोड़ा, उस वक्त स्थानीय नेता भाषण दे रहे थे.

सिंधिया ने रखवाया मौन, फिर दिया भाषण

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि सिंधिया बाद में मंच पर पहुंचे और उन्होंने किसान की मौत के बारे में जानकारी मिलने पर सभा के दौरान एक मिनट का मौन रखकर जीवन सिंह को श्रद्धांजलि दी. बाद में सिंधिया ने जनसभा को संबोधित भी किया. खंडवा जिले की मांधाता विधानसभा सीट के उपचुनाव में बीजेपी उम्मीदवार नारायण पटेल के समर्थन में यह जनसभा आयोजित की गई थी.

कांग्रेस ने साधा सिंधिया पर निशाना

मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के मीडिया विभाग के उपाध्यक्ष भूपेंद्र गुप्ता ने इसे संवेदनहीन व्यवहार बताया और भाजपा पर तंज कसते हुए कहा, ‘जो नेता कल तक किसानों के लिए सड़क पर उतरने की बात कर रहे थे, वे किसान के पार्थिव शरीर के सम्मान में मंच से भी नीचे नहीं उतर सके. उसकी मौत से विचलित हुए बिना उनके भाषण चलते रहे.’

भूपेंद्र गुप्ता ने आगे कहा, ‘अत्यंत दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण घटना बीजेपी के मुखौटा चरित्र की ओर संकेत करती है. किसी की मृत्यु, किसी का दुख, किसी की तकलीफ बीजेपी और उसके नेताओं के लिए चिंताओं का विषय नहीं है। इसकी जितनी निंदा की जाए कम है.’

वहीं मध्य प्रदेश कांग्रेस के ट्विटर अकाउंट से लिखा गया बीजेपी के कार्यक्रम में किसान की मौत, भाषणबाजी फिर भी जारी रही. बीजेपी के कार्यक्रम में एक किसान की मौत हो गई लेकिन बीजेपी के बेशर्म नेताओं ने कार्यक्रम नहीं रोका. किसान की लाश पड़ी रही और बेशर्म भाजपाई ताली बचाते रहे. सीएम शिवराज, जनता से न सही, भगवान से तो डरो..!

सिंधिया की सफाई और कांग्रेस पर पलटवार

कांग्रेसी हमेशा की तरह संवेदनशील मुद्दे पर भी घटिया राजनीति कर रहे हैं. आज इस रैली में मेरे पहुंचने के पहले ही हमारे अन्नदाता की दुखद मृत्यु हो चुकी थी, जिनको तत्काल कार्यकर्ताओं द्वारा अस्पताल भी पहुंचाया गया था. मुझे सभा स्थल पर पहुंचने के बाद जब इस दुखद घटना की जानकारी मिली तो मैंने सबसे पहले वहां हमारे अन्नदाता के लिए मौन रखवा कर श्रद्धांजलि अर्पित की. मेरे लिए राजनीति जन सेवा का माध्यम है और इसका सर्टिफिकेट मुझे कांग्रेस से नहीं चाहिए.

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