मध्य प्रदेश: कोरोना गाइडलाइंस की उड़ी धज्जियां! हाई कोर्ट ने राजनीतिक कार्यक्रमों पर लगाई रोक

हाईकोर्ट (HC) की बेंच ने एक याचिका पर सुनवाई करते हुए इस तरह की रैलियों पर चिंता जताई है. कोर्ट ने 3 न्यायमित्रों की एक टीम बनाकर राजनैतिक दलों के कार्यक्रमों पर नजर रखने के निर्देश दिए हैं.

  • TV9 Hindi
  • Publish Date - 10:05 am, Mon, 21 September 20

मध्य प्रदेश में कोरोना (Corona) का कहर जारी है. राज्य में संक्रमित मरीजों का आंकड़ा 1 लाख के पार पहुंच चुका है. प्रदेश में रोजाना 2 से 2.5 हजार कोरोना के नए मामले सामने आ रहे हैं. वहीं राजनैतिक दल कोरोना काल में रैलियों और आयोजनों से परहेज नहीं कर रहे हैं.

नेताओं के समर्थक अपने नंबर बढ़ाने के लिए कार्यकर्ताओं की भीड़ भी जुटा रहे हैं. इस मामले पर संज्ञान लेते हुए अब हाईकोर्ट ने भी 3 सदस्यों की एक कमेटी बना दी है. कमेटी जांच करेगी कि राजनैतिक दलों के कार्यक्रमों में किसी तरह की लापरवाही तो नहीं हो रही है. इसके साथ ही हाईकोर्ट (HC) ने राजनीतिक कार्यक्रमों पर फिलहाल रोक भी लगा दी है.

कोरोना के खतरे को देखते हुए मध्यप्रदेश विधानसभा का सत्र भी 5 दिन से घटाकर सर्वसम्मति से 1 दिन का कर दिया गया है. जब विधानसभा के सत्र को खानापूर्ति के लिए आयोजित किया जा सकता तो क्या राजनैतिक कार्यक्रमों (Politcal program) को रोका नहीं जा सकता. मामले में अब हाईकोर्ट ने भी संज्ञान ले लिया है.

 राजनीतिक कार्यक्रमों में सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ीं

राज्य में होने वाले उपचुनाव को लेकर सभी राजनीतिक दल अपना दमखम दिखाने में जुटे हैं. ग्वालियर चंबल में चुनावी रैलियों का आयोजन किया जा रहा है, इन रैलियों में सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जिया उड़ाई जा रही है.

कुछ दिन पहले ही पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने हाल ही में यहां दौरा किया था. कमलानाथ (Kamalnath) के कार्यकर्ताओं ने सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क के नियमों की धज्जियां उड़ाईं. इसके आलावा ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotoraditya Scindia) और शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) ने ग्वालियर चंबल के दौरे किए. 3 दिन के कार्यक्रमों में बीजेपी ने 74 हज़ार नए बीजेपी कार्यकर्ता जोड़ने का दावा किया है.

 ग्वालियर हाईकोर्ट ने 3 न्यायमित्रों की एक कमेटी बनाई

हाईकोर्ट बेंच ने एक याचिका पर सुनवाई करते हुए इस तरह की रैलियों पर चिंता जताई है. कोर्ट ने 3 न्यायमित्रों की एक टीम बनाकर राजनैतिक दलों के कार्यक्रमों पर नजर रखने के निर्देश दिए हैं. कोर्ट ने इस मामले में राज्य सरकार को 3 दिन में अपना जवाब देने को कहा है. कोर्ट ने साफ कहा है कि अगर कहीं भी कोरोना की गाइडलाइन (Guideline) का उल्लंघन कोई राजनैतिक दल करता है तो कोर्ट को सूचित किया जाए. कोर्ट की अगली सुनवाई 28 सितंबर को तय की गई है. हाईकोर्ट न्याय मित्र राजू शर्मा ने कहा कि हालांकि इस मामले में बीजेपी (BJP) और कांग्रेस दोनों पार्टियां खुद को पाक साफ बताने में जुटी हुई हैं.

बीजेपी के वरिष्ठ नेता और चितित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि राजनैतिक दलों के कार्यक्रमों में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जाए ये जरूरी है. जहां तक विधानसभा के सत्र की बात है तो WHO की गाइडलाइन है कि एक कमरे में ज्यादा लोग रहेंगे तो खतरा बढ़ेगा.

वहीं कांग्रेस के विधायक और पूर्व मंत्री जीतू पटवारी का कहना है कि उनके कार्यक्रमों में वो ये ध्यान रखते हैं कि किसी तरह से नियमों का उल्लंघन न हो लेकिन सबकी जिम्मेदारी है कि खुद की सेहत का ख्याल रखा जाए.