बेहद मस्तमौला और फक्कड़ इंसान थे राहत इंदौरी, परवीन कैफ ने साझा की यादें

परवीन कैफ ने राहत इंदौरी से जुड़ी कुछ यादें TV9 भारतवर्ष के साथ साझा कीं. उन्होंने बताया कि राहत इंदौरी किसी कलंदर की तरह थे, जिसको किसी चीज की टेंशन नहीं थी

  • Makarand Kale
  • Publish Date - 8:51 pm, Tue, 11 August 20

राहत इंदौरी (Rahat Indori) सिर्फ हिंदुस्तान के नहीं बल्कि पूरी दुनिया के चहेते थे. मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से भी उनका बेहद लगाव रहा. राहत इंदौरी कई मुशायरों में कहा करते थे कि भोपाल मेरा दूसरा वतन है, पहला इंदौर है और दूसरा भोपाल. जिसको मैं अपना वतन कहता हूं.

खुद को कहते थे कैफ भोपाली का शागिर्द

दरअसल राहत इंदौरी खुद को कैफ भोपाली का शागिर्द कहते थे. एक वक्त था जब मशहूर शायर कैफ भोपाली भोपाल की पहचान माने जाते थे. राहत इंदौरी ने एक मुशायरे के दौरान यह बताया था कि उन्होंने कैफ भोपाली के जूते उठा उठा कर शायरी सीखी है. तो जाहिर है कि कैफ भोपाली से उनका लगाव किसी से छुपा नहीं था.

बेहद मस्त मौला और फक्कड़ इंसान थे राहत इंदौरी

कैफ भोपाली की बेटी परवीन कैफ आज खुद एक मशहूर शायरा हैं. परवीन कैफ ने राहत इंदौरी से जुड़ी कुछ यादें TV9 भारतवर्ष के साथ साझा कीं. परवीन कैफ ने बताया कि राहत इंदौरी बेहद मस्तमौला और फक्कड़ इंसान थे. वह किसी कलंदर की तरह थे, जिसको किसी चीज की टेंशन नहीं थी. वह जैसे अपने मुशायरे में हुआ करते थे वैसे ही आम लोगों के बीच उनकी शख्सियत दोहरी नहीं थी.

जब कैफ साहब के नाम पर सब काम छोड़कर पहुंचें थे भोपाल

परवीन कैफ ने बताया कि राहत इंदौरी कैफ साहब के नाम पर रखे गए किसी मुशायरे को कभी मना नहीं करते थे. एक दिन मुनव्वर राणा और वसीम बरेलवी ने अचानक से एक मुशायरे में आने से इंकार कर दिया. परवीन ने डरते डरते राहत इंदौरी को फोन लगाया और राहत इंदौरी आनन-फानन कार लेकर भोपाल आ गए और उस मुशायरे में चार चांद लगा दिए. परवीन बताती हैं कि उन्हें कोई गुमान नहीं था कि वह इतने मशहूर हैं बल्कि सिर्फ कैफ साहब के नाम पर वह सब काम छोड़कर इंदौर से भोपाल चले आए.

परवीन कैफ ने बताया कि जब भी राहत इंदौरी मिलते थे, वह कैफ भोपाली की यादें उनके साथ साझा किया करते थे. उन्हें अब यह मलाल रहेगा कि उनके पिता की बहुत सारी यादें राहत इंदौरी के साथ रुखसत हो गईं. परवीन बताती हैं कि जब कैफ भोपाली को कैंसर था और वह इलाज के लिए इंदौर जाया करते थे. तब राहत इंदौरी न सिर्फ उन्हें रिसीव करने आते थे बल्कि वह उन्हीं की देखरेख में इंदौर में अपना इलाज कराते थे. यहां तक कि कैफ भोपाली के गंदे कपड़े भी राहत इंदौरी बदला करते थे. उनके जाने से कई लोगों के दिल टूट गए हैं, उनका इस तरह से जाना किसी सदमे से कम नहीं.

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