टीकमगढ़: एक ही परिवार के 5 लोगों की खुदकुशी का केस, पिता-पुत्र के दो सुसाइड नोट में उलझी गुत्थी

पुलिस ने भले ही इन आत्महत्याओं की गुत्थी को सुलझाने का दावा किया हो लेकिन इन आत्महत्याओं के पीछे की बताई जा रही कहानी किसी फिल्मी स्टोरी की स्क्रिप्ट से कम जान नहीं पड़ती.

  • Makarand Kale
  • Publish Date - 11:52 am, Tue, 25 August 20

एक ओर पूरा देश सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में CBI जांच से खुश है. वहीं मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के खरगापुर में रविवार को एक ही परिवार के 5 लोगों की आत्महत्या के पीछे क्या कहानी है? ये अभी भी रहस्य बना हुआ है.

पुलिस ने भले ही इस आत्महत्या की गुत्थी को सुलझा लेने का दावा किया हो लेकिन इन आत्महत्याओं के पीछे की बताई जा रही कहानी किसी फिल्मी स्टोरी की स्क्रिप्ट से कम नहीं जान पड़ती.

पुलिस की एफआईआर की मानें तो परिवार वालों के प्रॉपर्टी को लेकर चल रहे झगड़े की वजह से इस पूरे परिवार ने फांसी लगा ली. क्योंकि ज़मीन बेचने का दबाव डाला गया औऱ फिर 16 लाख की धोखाधड़ी भी की गई.

अब सवाल ये है कि जमीन की कीमत 1 करोड़ रुपये से ज्यादा थी. ज़मीन बेची गई, 16 लाख का धोखा हुआ तो बाकी पैसा कहां गया.? फिलहाल पुलिस ने आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज करके 9 लोगों को गिरफ्तार भी कर लिया है.

पुलिस का कहना है कि परिवार पर पहले जमीन बेचने का दबाव बनाया गया और फिर उसके बाद उनके साथ 16 लाख की धोखाधड़ी की गई. इसलिए परिवार ने आत्महत्या कर ली. हालांकि इस आत्महत्या में कई बाते रहस्य बनी हुई हैं जिसे लेकर पुलिस कोई भी जवाब नहीं दे पा रही.

ये हैं वे सारे सवाल हैं जिनके जवाब नहीं मिल रहे…

  • 1-पिता और पुत्र के 2 अलग-अलग सुसाइड नोट मिलना
  • 2-पांच साल के बच्चे का फांसी से लटका होना
  • 3-सभी के पैर ज़मीन पर टिके होना
  • 4-घर की लाइट और इन्वर्टर का बंद होना
  • 5-एक ही रस्सी के अलग-अलग टुकड़ों से फांसी लगाना
  • 6-पत्नी और मां की कलाई का कटा होना
  • 7-एक ही कमरे में 4 लोगों का फांसी लगाना
  • 8-शाम का परिवार का पड़ोसियों के साथ सामान्य व्यवहार
  • 9-धोखाधड़ी 16 लाख की बताई जा रही है. जबकि जमीन 1 करोड़ से ज़्यादा कीमत की थी. तो बाकी पैसा कहां गया. इस पर पुलिस जवाब क्यों नहीं दे रही.
  • 10- गिरफ्तार आरोपियों में ज़मीन का खरीदार भी है

वहीं टीकमगढ़ कलेक्टर ने सोमवार को जानकारी दी थी कि इस संबंध में आरोपियों को 24 घंटे के अंदर गिरफ्तार किया गया और उन्हें न्यायालय में पेश किया गया.

वहीं इस पूरे मामले पर मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष कमलनाथ ने भी ट्वीट कर इस घटना पर दुःख जताते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है.

इस मामले में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एमएल चौरसिया का कहना है कि मौके पर मिले सुसाइड नोट और पूछताछ दौरान मिली जानकारी के आधार पर 9 लोगों के खिलाफ धारा 306,34 आईपीसी के तहत मामला दर्ज कर सभी 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है.

गिरफ्तार आरोपियों को पुलिस द्वारा न्यायालय में पेश करने के पूर्व दो आरोपियों ने कैमरे पर बेबाकी से कहा कि उन पर लगाये आरोप गलत और उन्हें इस मामले में झूठा फंसाया जा रहा है.