मध्य प्रदेश: धार में सैंपल लिए बिना ही 17 लोगों की कोरोना रिपोर्ट आई पॉजिटिव, गांव वाले हैरान-परेशान

मामले में जब पूछताछ हुई तो पता चला कि एनएचएम (NHM) के संविदा कर्मचारी टेक्नीशियन और एक संविदा स्वास्थ कर्मचारी ने मिलकर टाना गांव से 19 सैंपल लिए थे. गांव वाले अपने सैंपल देने से बार-बार बच रहे थे और बार-बार कोरोना (Corona) को लेकर झूठी रिपोर्ट आने की बात कह रहे थे.
Madhya Pradesh Dhar victims, मध्य प्रदेश: धार में सैंपल लिए बिना ही 17 लोगों की कोरोना रिपोर्ट आई पॉजिटिव, गांव वाले हैरान-परेशान

मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में धार (Dhar) जिले के निसरपुर से एक चौंका देने वाला वाकया सामने आया है. 11 सितंबर को यहां के टाडा गांव के 17 लोगों की कोरोना रिपोर्ट (Corona Report) पॉजिटिव आई. आप सोच रहे होंगे कि इसमें चौंकाने जैसा क्या है, कोरोना तो वाकई फैल रहा है. दरअसल जब कोरोना संक्रमित (Corona Positive) होने की जानकारी पीड़ितों को मिली तो वो हैरान रह गए. ये लोग इसलिए हैरान थे क्योंकि इन्होंने कभी कोरोना जांच के लिए सैंपल ही नहीं दिया था.

अब जब जांच की गई तो पता चला कि कुल 15 लोग ऐसे थे, जिनके सैंपल 8 सितंबर को लिए गए लेकिन उस दिन वे लोग गांव में मौजूद ही नहीं थे. दरअसल, उस दिन टाडा गांव से कुल 19 सैंपल लिए गए थे, जिसमें से 17 पॉजिटिव निकले हैं. हैरानी इस बात से थी कि इन 17 में से 15 लोग उस दिन गांव में नहीं थे. पीड़ितों का कहना है कि उनके नाम की पॉजिटिव रिपोर्ट आई है, यह कैसे आई है उन्हें नहीं पता.

संविदा कर्मचारियों ने लिए थे कुछ सैंपल

मामले में जब पूछताछ हुई तो पता चला कि एनएचएम के संविदा कर्मचारी टेक्नीशियन और एक संविदा स्वास्थ कर्मचारी ने मिलकर टाना गांव से 19 सैंपल लिए थे. गांव वाले अपने सैंपल देने से बार-बार बच रहे थे और बार-बार कोरोना को लेकर झूठी रिपोर्ट आने की बात कह रहे थे.

इसके बाद टीम ने सरपंच, सचिव और आशा कार्यकर्ता के रजिस्टर से 19 लोगों के नाम नोट कर लिए. 4 लोगों से कोरोना सैंपल लिए गए, बाकी 15 लोगो के कोरोना सैंपल फर्जी नाम की स्लिप लगाकर इंदौर लैब भेज दिए. जहां से 11 सितंबर की रात को 17 लोगों की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आ गई. टेक्नीशियन का कहना है कि उसने ऐसा जानबूझकर किया, सिर्फ यह देखने के लिए कि जो आरोप लोग लगा रहे हैं क्या वह सही हैं.

आखिर कैसे फर्जी सैंपल्स की रिपोर्ट पॉजिटिव आई?

मामले में जांच की जा रही है कि आखिर कैसे फर्जी सैंपल्स की पॉजिटिव रिपोर्ट आ गई. अफसरों को आशंका है कि टेक्नीशियन ने लापरवाही से एक सैंपल बाकी सैंपल के साथ मिक्स कर दिया. जबकि टेक्नीशियन के आरोपों की मानें तो इंदौर की कोरोना जांच लैब पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है. पूरे मामले पर निसरपुर क्षेत्र के सीबीएमओ से चर्चा की गई तो उन्होंने मामले की जांच करवा कर कड़ी कार्रवाई की बात कही.

आरोप टेक्नीशियन की तरफ से भी लगे हैं और गांव वालों की तरफ से भी. कोरोना सैंपल्स की जांच को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं. हालांकि, मामले में प्रशासनिक टीम जांच कर रही है, जिसके नतीजों का इंतजार है.

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