‘मील का पत्थर हैं कृषि विधेयक, सुरक्षा के साथ किसानों को मिलेगी दोगुनी आय’ : शिवराज सिंह चौहान

कृषि विधेयकों को लेकर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chauhan) ने किसानों को संबोधित किया. उन्होंने कहा कि इन विधेयकों से कृषि क्षेत्र में ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ (Ease of doing business) के लक्ष्य को प्राप्त करने में आसानी होगी.

एक ओर मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में इसी साल रिक्त विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होने हैं. दूसरी ओर देश के कई हिस्सों में कृषि फसल खरीद संबंधी विधेयकों को लेकर विरोध प्रदर्शन और हंगामा हो रहा है. विधेयकों को लेकर किसान और विपक्ष सड़कों पर हैं. इसी बीच मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chauhan) ने मंगलवार को विधेयकों को लेकर किसानों को संबोधित किया.

विधेयकों के लेकर शिवराज सिंह चौहान ने कहा, ‘कृषकों को व्यापारियों, कंपनियों, प्रसंस्करण इकाइयों, निर्यातकों से सीधे जोड़ने का प्रावधान है. कृषि करार के माध्यम से बुवाई से पूर्व ही किसान को उसकी उपज के दाम निर्धारित होंगे. न्यूनतम मूल्य के साथ अतिरिक्त लाभ देने का भी इस बिल में प्रावधान. बाजार की अनिश्चितता का जोखिम किसानों को अब नहीं उठाना पड़ेगा.’

किसान पर नहीं पड़ेगा बाजार का असर

उन्होंने कहा, ‘बाजार में आने वाले उतार-चढ़ाव का प्रभाव किसान पर नहीं पड़ेगा. कृषि विधेयक से किसानों की आय में वृद्धि होगी. कृषि क्षेत्र में ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ के लक्ष्य को प्राप्त करने में आसानी होगी. अब अन्नदाताओं को निराश नहीं होना पड़ेगा. गांवों के पास ही प्रसंस्करण इकाइयाँ व कृषि-उद्योग स्थापित करने की सुविधा मिलेगी. गांवों से पलायन रूकेगा.’

CM शिवराज सिंह चौहान ने कहा, ‘मध्यप्रदेश की एक भी मंडी बंद नहीं होगी. मंडी के साथ अन्य स्थानों पर भी उपज बेचने का विकल्प मिलेगा. किसानों को अधिक लाभ मिले, पारदर्शिता और समय की बचत हो यही लक्ष्य है. किसान भाई भ्रामक जानकारी से सावधान रहें.’ उन्होंने कहा कि किसान की चिंता सरकार समझती है. किसानों को परेशान नहीं होने दिया जाएगा. किसान अपनी इच्छा के अनुरूप दाम तय कर उपज बेच सकेगा. अधिक से अधिक 3 दिन के भीतर भुगतान प्राप्त होगा. विवाद का निपटारा स्थानीय स्तर पर होगा. कृषि क्षेत्र में शोध एवं नई तकनीकी को बढ़ावा मिलेगा.

मील का पत्थर

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि किसान को व्यापारियों के चक्कर काटने की आवश्यकता नहीं है. छोटे/मंझोले किसान भाईयो को भी कोई परेशानी नहीं होगी. कृषि विधेयक किसानों के उन्नति, समृद्धि, खुशहाली का बिल है. कृषि विधेयक 2020 मील का पत्थर साबित होगा. किसानों को सुरक्षा के साथ दोगुनी कृषि आय मिलेगी. किसानों को एजेंटों, दलालों और बिचौलियों से मुक्ति मिलेगी. स्वामीनाथन आयोग के सिफारिशें लागू होंगी.

किसान भाईयों को बधाई

एक राष्ट्र, एक बाजार की बात करते हुए उन्होंने कहा कि किसानों की प्रगति का मार्ग प्रशस्त होगा. किसान उपज बेचने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र होंगे. किसानों को उत्पाद के लिए कोई उपकर नहीं देना होगा. किसानों को ई-ट्रेडिंग मंच भी उपलब्ध कराया जाएगा. किसानों को व्यापार में कोई रुकावट नहीं आएगी. फॉर्मगेट, कोल्ड स्टोरेज, वेयर हाउस, प्रसंस्करण यूनिटों पर भी व्यापार की स्वतंत्रता होगी.

शिवराज सिंह चौहान ने कहा, ‘किसान खरीददार से सीधे जुड़ सकेंगे. किसान के उत्पाद की पूरी कीमत मिलेगी. मैं सभी किसान भाईयों बहनों को बधाई देता हूं.’

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