यौन उत्पीड़न मामला: मध्य प्रदेश HC के फैसले के खिलाफ याचिका, सुप्रीम कोर्ट ने मांगा जवाब

सुप्रीम कोर्ट‌ (SC) ने कहा कि उन्होंने अटॉर्नी जनरल को नोटिस जारी किया है, कोर्ट चाहता है कि अटॉर्नी जनरल (attorney general) इस मामले में अदालत का सहयोग करें. अटॉर्नी जनरल ऑफिस के जवाब के बाद ही मामले पर आगे की सुनवाई की जाएगी.

  • Piyush Pandey
  • Publish Date - 12:44 pm, Fri, 16 October 20
Supreme Court
वर्चुअल‌ सुनवाई के दौरान वकील द्वारा कपड़े नहीं पहने होने पर सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी जताई है.

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने आज 9 महिला वकीलों की तरफ से मध्य प्रदेश हाईकोर्ट (MP High Court) के एक आदेश के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई की. कोर्ट ने इस मामले में अटॉर्नी जनरल (Attorney General) के खिलाफ नोटिस (Notice) जारी कर जवाब मांगा है.

मामला एक महिला के साथ यौन उत्पीड़न (sexual harassment) केस में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के आदेश से जुड़ा हुआ है. कोर्ट ने आरोपी (Accused) व्यक्ति को इस शर्त पर जमानत दी थी कि, वह शिकायतकर्ता से राखी बंधवाने (Tie Rakhi) का अनुरोध करेगा.

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हाईकोर्ट-निचली अदालतों के लिए मांगे निर्देश

याचिकाकर्ता वकीलों की तरफ से संजय पारिख ने कहा कि हाईकोर्ट द्वारा इस तरह कि शर्त वाले निर्देश के मामले में वह सिर्फ मध्यप्रदेश ही नहीं, बल्कि सभी हाईकोर्ट और निचली अदालत के लिए भी सुप्रीम कोर्ट से निर्देश चाहते हैं.

याचिका पर सुनावई करते हुए सुप्रीम कोर्ट‌ ने कहा कि उन्होंने इस मामले में अटॉर्नी जनरल को नोटिस जारी किया है, कोर्ट चाहता है कि अटॉर्नी जनरल इस मामले में अदालत का सहयोग करें. अटॉर्नी जनरल ऑफिस के जवाब के बाद ही मामले पर आगे की सुनवाई की जाएगी.

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सुप्रीम कोर्ट ने अटॉर्नी जनरल से मांगा जवाब

दरअसल मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने अगस्त महीने में यौन शोषण मामले में आरोपी को इस शर्त पर छोड़ दिया था कि वह पीड़िता के घर जाकर उससे राखी बंधवाएगा. इस तरह का यह कोई पहला मामला नहीं था. इससे पहले भी ट्रायल कोर्ट इस तरह की शर्तें रख चुके हैं. अब 9 महिला वकीलों, सोशल वर्कर्स और लॉ टीचर्स ने इस बात को पॉइंट आउट करते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई है, और कोर्ट से कहा है कि वह यह तय करे कि अदालतें बेल कंडीशन में इस तरह के निर्देश दे सकती हैं या नहीं.