सुपुर्द-ए-खाक हुए राहत इंदौरी, PPE किट पहनकर लोगों ने अदा की नमाज-ए-जनाजा

मशहूर शायर राहत इंदौरी को मंगलवार देर रात इंदौर में सुपुर्द-ए-खाक किया गया. उनके शव को एंबुलेंस से कब्रिस्तान ले जाया गया. उनकी COVID-19 रिपोर्ट पॉजिटिव थी इसलिए पीपीई किट पहने लोग ही नमाज-ए-जनाजा और अंतिम संस्कार में शामिल हुए.

  • TV9 Hindi
  • Publish Date - 5:21 am, Wed, 12 August 20

उर्दू के मशहूर शायर राहत इंदौरी को मंगलवार देर रात सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया. उनके जनाजे में लोग पीपीई किट पहनकर शामिल हुए. बता दें कि जाने माने शायर राहत इंदौरी (Rahat Indori) का मंगलवार को 70 साल की उम्र में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया. कोरोना पॉजिटिव (Coronavirus) पाए जाने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती किया गया था.

उनके शव को एंबुलेंस से कब्रिस्तान ले जाया गया. उनकी COVID-19 रिपोर्ट पॉजिटिव थी इसलिए पीपीई किट पहने लोग ही नमाज-ए-जनाजा और अंतिम संस्कार में शामिल हुए. कोविड नियमों के तहत उनको सुपुर्द-ए-खाक किया गया.

इंदौर में हुआ था जन्म

राहत इंदौरी का जन्म 1 जनवरी 1950 को इंदौर में हुआ था. यहीं शुरुआती पढ़ाई, फिर BA और फिर भोपाल की बरकतुल्लाह यूनिवर्सिटी से उर्दू साहित्य में MA. फिर उन्होंने उर्दू साहित्य में Phd भी की.

उर्दू को आत्मसात कर लेने वाले राहत इंदौरी ने बाद में उर्दू साहित्य पढ़ाना शुरू किया और इंदौर की देवी अहिल्या विश्वविद्यालय में उर्दू साहित्य के प्राध्यापक भी रहे, लेकिन उन्हें पॉपुलर किया उनकी शायरी और इन्हें पढ़ने के उनके अलग अंदाज ने. उनके अंदाज और अल्फाजों ने बहुत जल्द ही उन्हें लोगों का पसंदीदा शायर बना दिया था.

बेहद मस्त मौला और फक्कड़ इंसान थे राहत इंदौरी

कैफ भोपाली की बेटी परवीन कैफ आज खुद एक मशहूर शायरा हैं. परवीन कैफ ने राहत इंदौरी से जुड़ी कुछ यादें TV9 भारतवर्ष के साथ साझा कीं. परवीन कैफ ने बताया कि राहत इंदौरी बेहद मस्तमौला और फक्कड़ इंसान थे. वह किसी कलंदर की तरह थे, जिसको किसी चीज की टेंशन नहीं थी. वह जैसे अपने मुशायरे में हुआ करते थे वैसे ही आम लोगों के बीच उनकी शख्सियत दोहरी नहीं थी.

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