महाराष्ट्र: कांग्रेस, NCP का कृषि विधेयकों को लागू करने से इनकार, शिवसेना का रुख साफ नहीं

उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस के नेता अजीत पवार ने कहा कि राज्य में कृषि बिल लागू नहीं किए जाएंगे. राज्य के राजस्व मंत्री और महाराष्ट्र कांग्रेस के प्रमुख बालासाहेब थोरात ने कहा कि सभी सत्तारूढ़ दल इन नए कानूनों के खिलाफ हैं.

(Maharashtra cabinet expansion) 
महाराष्ट्र विकास अगाड़ी

महाराष्ट्र विकास अगाड़ी (Maharashtra Vikas Aghadi) गठबंधन के दो दल कांग्रेस (Congress) और NCP ने घोषणा की है कि वे संसद में भारी विरोध के बीच पारित किए गए कृषि कानूनों को लागू नहीं करेंगे. जबकि मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की शिवसेना (Shiv Sena) अभी तक इस मुद्दे पर अपनी स्थिति सार्वजनिक नहीं कर पाई है. हालांकि, वह इन विधेयकों को लेकर केंद्र सरकार की आलोचना करती रही है.

उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस के नेता अजीत पवार ने कहा कि राज्य में कृषि बिल लागू नहीं किए जाएंगे. राज्य के राजस्व मंत्री और महाराष्ट्र कांग्रेस के प्रमुख बालासाहेब थोरात ने कहा कि सभी सत्तारूढ़ दल इन नए कानूनों के खिलाफ हैं और राज्य में उन्हें लागू नहीं करने का निर्णय सामूहिक रूप से विचार-विमर्श के बाद लिया जाएगा.

कांग्रेस और एनसीपी ने तीन कृषि बिलों के पारित होने का विरोध करने के लिए किसानों द्वारा देशव्यापी बंध का समर्थन भी किया. अखिल भारतीय किसान सभा, स्वाभिमानी शेतकरी संगठन, लोक संघर्ष मोर्चा जैसे कई किसान संगठनों ने बिलों का विरोध करने के लिए शुक्रवार को महाराष्ट्र में कम से कम 21 जिलों में विरोध मार्च निकाला, हाइवे को जाम किया, बिलों की कॉपियां जलाईं और मानव श्रृंखला बनाई. केंद्र सरकार द्वारा बिल वापस न लिए जाने पर किसान संगठनों ने विरोध तेज करने की घोषणा भी की है.

“विधेयकों को पास कराने की इतनी जल्दी क्या थी?”

अजीत पवार ने कहा कि किसानों ने बिलों का विरोध किया है, क्योंकि उन्हें लगता है कि इनसे उन्हें कोई फायदा नहीं होगा. एनसीपी ने भी इसका विरोध किया है. फिर भी इन्हें पास करने की क्या जल्दी थी? हम कोशिश कर रहे हैं कि ये बिल राज्य में लागू न हों. हमने इस पर एक बैठक भी बुलाई है.

वहीं उनके कैबिनेट सहयोगी बालासाहेब थोरात ने भी विधेयकों का विरोध करने की बात कही. उन्होंने कहा, “हम पूरी तरह से तीनों बिलों का विरोध करते रहे हैं. हम राज्य में इन बिलों को लागू न करने के लिए कानूनों पर चर्चा करेंगे.”

“जल्द ही अपना रुख साफ करेगी शिवसेना”

हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक, शिवसेना नेता ने नाम जाहिर न करने की शर्त पर कहा, “इस मुद्दे पर तीन दलों की समन्वय समिति में चर्चा की जाएगी. इस बार भी संसद में हमने वही रुख अपनाया जो CAA पर बहस के दौरान अपनाया था, लेकिन खेती किसानी के मुद्दों पर हम महाराष्ट्र में बिल का समर्थन नहीं करेंगे. इस पर आधिकारिक तौर से हम अपना रुख साफ करेंगे.”

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