महाराष्ट्र: लेटर वार के बाद MLC नियुक्ति पर खींचतान, मुख्यमंत्री-राज्यपाल का विवाद गहराया

महा विकास अघाड़ी (Maha Vikas Aghadi) जल्द ही एमएलसी के लिए नामों की सूची राज्यपाल को भेजेगी. सूत्रों का कहना है कि राज्यपाल ने अगर ये नाम नहीं स्वीकारे तो इसके विरोध में सरकार कोर्ट का रुख कर सकती है.

  • Shivangi Thakur
  • Publish Date - 11:17 am, Wed, 14 October 20
महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी और मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे.

महाराष्ट्र (Maharashtra) में राज्य सरकार और राज्यपाल (Governor) के बीच चल रही खींचतान और बढ़ने की संभावना है. महा विकास अघाड़ी (Maha Vikas Aghadi) की नई सरकार बनने के बाद 12 एमएलसी (MLC) की नियुक्ति अभी तक नहीं हुई है. राज्यपाल ने कोरोना काल का हवाला देते हुए इन नियुक्तियों को रोककर रखा था. सूत्रों की मानें तो राज्यपाल राजनीतिक चेहरों से ज्यादा कला और अन्य क्षेत्रों से जुड़े लोगों की इन पदों पर नियुक्ति करना चाहते हैं.

महा विकास अघाड़ी जल्द ही एमएलसी के लिए नामों की सूची राज्यपाल को भेजेगी. सूत्रों का कहना है कि राज्यपाल ने अगर ये नाम नहीं स्वीकारे तो इसके विरोध में सरकार कोर्ट का रुख कर सकती है.

मुख्यमंत्री और राज्यपाल में लेटर वार

गौरतलब है कि महाराष्ट्र में अब कोरोना महामारी की वजह से बंद मंदिरों को लेकर मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और गवर्नर भगत सिंह कोश्यारी के बीच तनातनी हो गई है. इतना ही नहीं मंदिर खोलने के पक्ष में मंगलवार को महाराष्ट्र की अलग-अलग जगहों पर प्रदर्शन हुए, जिसके बाद कुछ बीजेपी नेताओं को हिरासत में भी लिया गया.

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बता दें कि महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से जल्द मंदिर खोलने की अपील करते हुए चिठ्ठी लिखी थी, जिसपर उद्धव ठाकरे ने भी जवाब दिया और कहा कि उन्हें किसी से हिंदुत्व का सर्टिफिकेट नहीं चाहिए.

मंदिर खोलने को लेकर गहराया विवाद

महाराष्ट्र में मंगलवार को बीजेपी नेताओं ने सिद्धिविनायक, शिरडी साईं बाबा मंदिर के बाहर प्रदर्शन किया. ऐसे ही प्रदर्शन कई और जगहों पर हो रहे थे. इसके बाद जब बीजेपी नेता ने सिद्धिविनायक मंदिर में घुसने की कोशिश की तो उन्हें हिरासत में लिया गया. इसमें बीजेपी नेता प्रसाद लाल भी शामिल थे.

दरअसल, भगत सिंह कोश्यारी ने बार, पब और रेस्टोरेंट्स खोलने के फैसले का जिक्र करते हुए कहा कि कई धार्मिक नेता उनसे आकर मिले हैं जो मंदिर खोलने की अपील कर रहे हैं. राज्यपाल ने देश के अन्य हिस्सों में धार्मिक स्थलों के खोले जाने का जिक्र भी किया.

फिर गवर्नर के पत्र का सीएम ठाकरे ने भी जवाब दिया. उन्होंने लिखा कि चिट्ठी में मेरे हिंदुत्व का उल्लेख करना गलत है और मेरे हिंदुत्व के लिए आपके सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं है.

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