संजय राउत और देवेंद्र फडणवीस ने की मुलाकात, राजनीतिक गलियारों में तेज हुई सुगबुगाहट

इस मुलाकात के बाद महाराष्ट्र (Maharashtra) की सियासत को लेकर कयासों का दौर शुरू हो गया है. जानकारी के मुताबिक, संजय राउत ने शिवसेना के मुखपत्र सामना के लिए देवेंद्र फडणवीस का इंटरव्यू लेने की इच्छा जाहिर की थी.

  • अश्विन पांडे
  • Publish Date - 8:39 pm, Sat, 26 September 20
संजय राउत देवेंद्र फडणवीस

कई मुद्दों पर तल्खियों के बावजूद शिवसेना (Shiv sena) के संजय राउत (Sanjay Raut) ने अपने पुराने सहयोगी BJP के नेता और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis ) से मुलाकात की है. इस मुलाकात के बाद महाराष्ट्र की सियासत को लेकर कयासों का दौर शुरू हो गया है. जानकारी के मुताबिक, संजय राउत ने शिवसेना के मुखपत्र सामना के लिए देवेंद्र फडणवीस का इंटरव्यू लेने की इच्छा जाहिर की थी.

इसी इंटरव्यू को लेकर दोनों नेताओं के बीच एक बार मिलने का फैसला किया गया. पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी नेता देवेंद्र फडणवीस चाहते थे कि पूरा इंटरव्यू बिना एडिट किए ही छपना चाहिए. बताया जा रहा है कि इसलिए ही इंटरव्यू का प्रारूप तय करने के लिए ही ये मुलाकात हुई.

वहीं ये जानकारी भी मिली है कि देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि वो बिहार चुनाव से लौटने के बाद ही ये इंटरव्यू देंगे. इस दौरान ये भी कहा गया है कि दोनों नेताओं के बीच हुई बातचीत का कोई राजनीतिक संदर्भ नहीं है. हालांकि राजनीतिक गलियारों में इस मुलाकात को लेकर कयासों का दौर शुरू हो गया है.

महाराष्ट्र: कांग्रेस, NCP का कृषि विधेयकों को लागू करने से इनकार, शिवसेना का रुख साफ नहीं

गौरतलब है कि शिवसेना लंबे समय तक बीजेपी की सहयोगी पार्टी रह चुकी है. हालांकि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद पार्टी ने बीजेपी का साथ छोड़ दिया और कांग्रेस-NCP से गठबंध कर राज्य में सरकार बनाई. हालांकि तभी से शिवसेना और बीजेपी के बीच तकरार और बढ़ती चली गई.

कृषि विधेयकों पर नहीं बनी सहमति

इससे पहले महाराष्ट्र विकास अगाड़ी (Maharashtra Vikas Aghadi) गठबंधन के दो दल कांग्रेस (Congress) और NCP ने घोषणा की थी कि वे संसद में भारी विरोध के बीच पारित किए गए कृषि कानूनों को लागू नहीं करेंगे. जबकि मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की शिवसेना अभी तक इस मुद्दे पर अपनी स्थिति सार्वजनिक नहीं कर पाई है. हालांकि, वह इन विधेयकों को लेकर केंद्र सरकार की आलोचना करती रही है.

उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस के नेता अजीत पवार ने कहा कि राज्य में कृषि बिल लागू नहीं किए जाएंगे. राज्य के राजस्व मंत्री और महाराष्ट्र कांग्रेस के प्रमुख बालासाहेब थोरात ने कहा कि सभी सत्तारूढ़ दल इन नए कानूनों के खिलाफ हैं और राज्य में उन्हें लागू नहीं करने का निर्णय सामूहिक रूप से विचार-विमर्श के बाद लिया जाएगा.

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