प्रियंका गांधी से सरकारी आवास खाली कराना सत्ता का अहंकार : शरद पवार

शरद पवार (Sharad Pawar) ने कहा कि राजीव गांधी की मौत के बाद भी उनकी पत्नी सोनिया गांधी ने पार्टी को खड़ा किया है. माना कि राजनीतिक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि आप किसी को परेशान करने के लिए सत्ता का दुरुपयोग करें.

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष शरद पवार (Sharad Pawar) ने केंद्र की भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार पर निशाना साधते हुए सोमवार को कहा कि कांग्रेस महासचिव प्रियका गांधी वाड्रा से दिल्ली में सरकारी आवास खाली कराना सरकार का सत्ता के अहंकार का एक प्रदर्शन है.

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पवार ने कहा, “हमें याद रखना चाहिए कि नेहरू-गांधी परिवार ने अपना जीवन देश के लिए समर्पित किया है. जवाहरलाल नेहरू ने भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में अहम योगदान दिया और देश को लोकतंत्र का रास्ता दिखाया. उनकी बेटी इंदिरा गांधी और पोते राजीव गांधी ने देश के लिए अपनी जिंदगी कुर्बान कीं, प्रियंका उसी परिवार से हैं.”

किसी को परेशान करने के लिए सत्ता का दुरुपयोग सही नहीं है

शरद पवार ने कहा कि राजीव गांधी की मौत के बाद भी उनकी पत्नी सोनिया गांधी ने पार्टी को खड़ा किया है. माना कि राजनीतिक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि आप किसी को परेशान करने के लिए सत्ता का दुरुपयोग करें. यह कोई सही कदम नहीं है. राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी अध्यक्ष ने कहा कि देश में तुच्छ राजनीति हो रही है. उन्होंने याद किया कि जब मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री थे और उस दौरान वह जब भी मुख्यमंत्रियों की कोई बैठक बुलाते थे, भाजपा अपनी पार्टी के मुख्यमंत्रियों की अलग बैठक करती थी.

हर एक भारतीय और हर एक राज्य की हिफाजत हमारा कर्तव्य है

पवार ने याद किया, “उन बैठकों में गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी, मनमोहन सिंह के खिलाफ बहुत कठोर भाषा का इस्तेमाल करते थे. किसी राज्य का मुख्यमंत्री, देश के प्रधानमंत्री के खिलाफ इस तरह का रवैया कैसे अपना सकता है.” उन्होंने कहा कि लेकिन उस वक़्त भी कभी मनमोहन सिंह ने अपनी आलोचनाओं को दिल पर नहीं लिया. यहां तक कि इतनी आलोचना के बाद भी मनमोहन सिंह ने गुजरात के साथ कोई भेदभाव नहीं किया.

अपने अनुभव को बयान करते हुए पवार ने कहा कि जब वह केंद्रीय कृषि मंत्री थे, तब कुछ कांग्रेस नेता नाराजगी जाहिर करते थे कि नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री की इतनी आलोचना की, फिर भी हम आउट ऑफ वे जाकर गुजरात की मदद कर रहे हैं. लेकिन मनमोहन सिंह यह कहते हुए उनके साथ रहे कि गुजरात भारत का हिस्सा है और हर एक भारतीय और हर एक राज्य की हिफाजत हमारा कर्तव्य है.

भाजपा का ऑपरेशन कमल, सरकारों को गिराने  के लिए केंद्र की सत्ता का दुरुपयोग करना है

पवार ने आगे कहा, “आज स्थिति बदल गई है, आज हम देखते हैं जब मौका मिले इस राज्य की सरकार को गिरा दो. अब हम इसे राजस्थान में देख रहे हैं. भाजपा के कुछ नेता महाराष्ट्र के लिए भी ऐसी बातें करते रहते हैं. भाजपा का ऑपरेशन कमल, जनता की निर्वाचित सरकारों को गिराने के लिए केंद्र की सत्ता का दुरुपयोग करना है.” उन्होंने भरोसा जाहिर किया कि हालांकि ऑपरेशन कमल महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली सरकार को प्रभावित नहीं कर पाएगा.

पवार की यह प्रतिक्रिया ‘सामना’ और ‘दोपहर का सामना’ समूह के कार्यकारी संपादक संजय राउत को दिए साक्षात्कार के तीसरे और अंतिम हिस्से में आई है. उन्होंने सचेत भी किया कि हालांकि मुख्यमंत्री के रूप में ठाकरे अच्छा काम कर रहे हैं, लेकिन सरकार के बेहतर कामकाज के लिए तीनों गठबंधन सहयोगियों -शिवसेना, राकापा और कांग्रेस के बीच तालमेल बढ़ाने की ज़रूरत है.

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