पंजाब-महाराष्ट्र मर्दाना तेवर वाले, अकाली दल और शिवसेना इनका चेहरा- सामना में बीजेपी पर हमला

शिवसेना ने मुखपत्र में ये भी कहा है कि बीजेपी (BJP) ने एक पुराने, सच्चे सहयोगी के छोड़ने पे आंसू की एक बूंद तक नहीं बहाई. इससे पहले शिवसेना (Shiv Sena) को एनडीए छोड़ना पड़ा था.

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शिवसेना (Shiv Sena) ने अपने मुखपत्र सामना में कृषि कानून के विरोध में भारतीय जनता पार्टी का साथ छोड़ने वाले अकाली दल का समर्थन किया है. सामना के ज़रिए शिवसेना ने बीजेपी की आलोचना भी की है. सामना के संपादकीय में लिखा है पंजाब के अकाली दल ने भी एनडीए अर्थात राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन छोड़ दिया है. उनका भाजपा के साथ एक लंबा जुड़ाव था, लेकिन अब वो छूट गया है.

अकाली दल के सर्वेसर्वा प्रकाश सिंह बादल की बहू पहले ही किसानों के मुद्दों पर केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे चुकी हैं. ‘चलो अच्छा हुआ पीछा छूटा’ की तर्ज पर अकाली दल का इस्तीफा स्वीकारा गया. अकाली दल को लगा था कि उनसे कहा जायेगा कि विचलित ना हो, ऐसा कदम न उठाएं, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ.

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भाजपा ने आंसू की एक बूंद भी नहीं बहाई

शिवसेना ने मुखपत्र में ये भी कहा है कि बीजेपी ने एक पुराने, सच्चे सहयोगी के छोड़ने पे आंसू की एक बूंद तक नहीं बहाई. इससे पहले शिवसेना को एनडीए छोड़ना पड़ा था. राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के दो मुख्य स्तंभों के बाहर जाने से क्या वास्तव में कोई एनडीए बचा है. यह सवाल बना हुआ है.

अकाली दल-शिवसेना मर्दानगी का चेहरा

आज राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन में कौन है, यह शोध का विषय है. राष्ट्रीय स्तर पर इससे हिंदुत्व की राजनीति निस्तेज होती दिख रही है. पंजाब और महाराष्ट्र दोनों मर्दाना तेवर वाले राज्य हैं. अकाली दल और शिवसेना उस मर्दानगी का चेहरा हैं.

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