महाराष्ट्र में बारिश के अनुमानों से अब नहीं होगी छेड़छाड़, मौसम केंद्रों में लगाए जाएंगे सीसीटीवी

कृषि आयुक्त ( Agriculture) धीरज कुमार ने यह माना कि मौसम केंद्रों में सीसीटीवी (CCTV) कैमरे लगाने का सवाल पहले से नहीं उठा है, मौसम केंद्रों की सुरक्षा के लिए उपाय करने होंगे. अधिकारियों ने यह भी कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित प्लेटफॉर्म से भी आने वाले वक्त में मौसम स्टेशनों की सुरक्षा की जा सकती है.

महाराष्ट्र (Maharashtra) का कृषि विभाग 2,092 से ज्यादा ऑटोमेटिक  मौसम केंद्रों (AWS) में सीसीटीवी कैमरे लगाने की योजना बना रहा है, जिससे उन्हें छेड़छाड़ से बचाया जा सके. कृषि आयुक्त धीरज कुमार ने फसल बीमा योजना के बारे में किसानों को शिक्षित करने के लिए एक प्रमुख कार्यक्रम शुरू करने की बात कही. धीरज कुमार ने यह माना कि मौसम केंद्रों में सीसीटीवी कैमरे लगाने का सवाल पहले से नहीं उठा है, मौसम केंद्रों की सुरक्षा के लिए उपाय करने होंगे. अधिकारियों ने यह भी कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Artificial Intelligence) आधारित प्लेटफॉर्म से भी आने वाले वक्त में मौसम स्टेशनों की सुरक्षा की जा सकती है.

कृषि विभाग ( Agriculture Department) किसानों को फसल बीमा योजना के बारे में शिक्षित करने के लिए एक खास सूचना अभियान चलाने की भी योजना बना रहा है. विभाग के एक कर्मचारी ने कहा कि कई मामलों में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को एक सुनिश्चित भुगतान देने वाली योजना समझा जाता है, जो बीमा के सिद्धांत के खिलाफ है.

रेनफॉल यूनिट के साथ की गई छेड़छाड़

राज्य में डिवाइसों से छेड़छाड़ की घटनाओं के बीच ऑटोमेटिक मौसम केंद्रों (AWS) को सुरक्षित रखने का फैसला लिया गया है. हाल ही में अहमदनगर जिले के श्रीगोंडा तालुका के देवोडाथन राजस्व सर्कल में रेनफॉल यूनिट के साथ अज्ञात लोगों ने छेड़छाड़ की थी, पुलिस में इसकी शिकायत दर्ज कराई गई थी. जिसके बाद कृषि विभाग ने यह कदम उठाया है.

दरअसल मौसम केंद्रों (AWS) में रेन फॉल यूनिट ने 28 अगस्त से 2 सितंबर तक मध्यम से भारी बारिश का संकेत दिया था, मौसम केंद्रों में अन्य मापदंडों ने बारिश के लिए जरूरी शर्तों का पालन नहीं किया. कृषि विभाग के अधिकारियों ने निष्कर्ष निकाला कि बारिश मापने में छेड़छाड़ की गई थी. अधिकारियों का मानना ​​है कि बारिश मापने में छेड़छाड़ बागवानी फसलों के लिए मौसम आधारित फसल बीमा योजना के तहत मलने वाले मुआवजे के लिए की गई थी.

बिजली उपकरणों से छेड़छाड़ आम बात

अधिकारियों ने बताया कि महाराष्ट्र में इस तरह की कोई पहली घटना नहीं है, पिछले साल जलगांव में भी इस तरह की तीन शिकायतें दर्ज की गई थीं, कई इलाकों में एक से ज्यादा मौसम केंद्रों में बिजली मापने वाले उपकरणों के साथ छेड़छाड़ करने की कोशिश की गई थी. कृषि विभाग के अधिकारियों ने कहा कि जलगांव, अहमदनगर, नांदेड़ जैसी जगहों पर ऐसी घटनाएं आम हैं, जहां बिजली मीटर, या बारिश मापक यंत्र से साथ छेड़छाड़ की जाती है.

महाराष्ट्र में मौसम केंद्रों (AWS) का हर जिले के राजस्व सर्कल में एक स्टेशन है, जिसे सार्वजनिक निजी भागीदारी योजना के तहत स्थापित किया गया था.यह जरूरी डेटा को सहेज कर रखता है, यह डेटा बीमा कंपनियों द्वारा खरीदा जाता है, इस डेटा के जरिए ही नष्ट हुई फसलों के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत मुआवजा दिया जाता है.

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