‘आरक्षण दो वरना 1 नवंबर से राजस्थान बंद’, गुर्जर समुदाय का गहलोत सरकार को अल्टीमेटम

गुर्जर समुदाय की तरफ से शनिवार को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को अल्टीमेटम दिया गया कि अगर उनकी मांग पूरी नहीं हुईं तो 1 नवंबर से बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन (Gujjar Protest in Rajasthan) होंगे.

ashok Gehlot
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गुर्जर आरक्षण के मुद्दे पर राजस्थान सरकार को एक बार फिर भारी विरोध प्रदर्शनों का सामना करना पड़ सकता है. गुर्जर समुदाय की तरफ से शनिवार को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को अल्टीमेटम दिया गया कि अगर उनकी मांग पूरी नहीं हुईं तो 1 नवंबर से बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन (Gujjar Protest in Rajasthan) होंगे. कहा गया है कि राजस्थान को ‘बंद’ कर दिया जाएगा.

शनिवार को गुर्जर समुदाय की राजस्थान के भरतपर में महापंचायत हुई थी. यह महापंचायत गुर्जर नेता किराड़ी सिंह बैंसला (Kirori Singh Bainsla) ने बुलाई थी. इसमें हिम्मत सिंह भी शामिल थे, जो वैसे बैंसला से अलग हो चुके हैं. बैंसला ने कहा, ‘हम चाहते हैं कि सरकार 2011 से लेकर 2019 के बीच हमसे किए गए वादों को निभाए.’

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राजस्थान को बंद करने की धमकी

मीटिंग के बाद किराड़ी सिंह बैंसला के बेटे विजय बैंसला ने कहा कि फिलहाल कहीं फसल बोने तो कहीं काटने का काम जारी है. ऐसे में सरकार को नवंबर तक का वक्त दिया गया है. 1 नवंबर को फिर महापंचायत बुलाई गई है. पहले किए गए वादों को अगर पूरा नहीं किया जाता है तो राजस्थान को बंद कर देंगे.

राजस्थान सरकार से क्या हैं गुर्जर समुदाय की मांगें

समुदाय लंबे वक्त से अति पिछड़ा वर्ग (MBC) के तहत रिजर्वेशन मांग रहा है. इसके साथ फिलहाल राज्यों में जिन 15 चीजों की भर्ती चल रही है उसमें 5 प्रतिशत आरक्षण मांगा जा रहा है. इसके साथ-साथ पिछले प्रदर्शन के दौरान जिन लोगों की मौत हुई उनके परिवारजनों के लिए मदद, देवनारायण स्कीम को लागू करना आदि शामिल हैं.

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