पैतृक गांव में आज-पटना में कल रामविलास पासवान का श्राद्ध, पीएम मोदी समेत कई नेताओं को न्योता

लोजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं रामविलास पासवान के बेटे चिराग पासवान (Chirag Paswan) ने बताया कि श्राद्ध कार्यक्रम में केवल उनके गांव और पड़ोसी गांवों के लोग ही शामिल होंगे.

पैतृक गांव में आज-पटना में कल रामविलास पासवान का श्राद्ध, पीएम मोदी समेत कई नेताओं को न्योता

पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) के संस्थापक रामविलास पासवान (Ramvilas Paswan) का श्राद्ध कार्यक्रम सोमवार को खगड़िया जिले (Khagaria District) में उनके पैतृक गांव में होगा. लोजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं रामविलास पासवान के बेटे चिराग पासवान (Chirag Paswan) ने रविवार को बताया कि श्राद्ध कार्यक्रम में केवल उनके गांव और पड़ोसी गांवों के लोग ही शामिल होंगे. उन्होंने बताया कि ’20 अक्टूबर को श्राद्ध कार्यक्रम पटना में किया जाएगा, जिसके लिए सभी राजनीतिक दलों के नेताओं और रामविलास पासवान के परिचित अन्य लोगों को निमंत्रण भेजा गया है.

चिराग पासवान ने बताया, ‘पटना में मंगलवार के समारोह के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi), केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah), भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा (JP Nadda) और अन्य राजनीतिक नेताओं को निमंत्रण भेजा गया है. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar), उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी (Sushil Kumar Modi), विपक्षी महागठबंधन में शामिल राजद (RJD) की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राबड़ी देवी (Rabri Devi), उनके बेटे तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav), कांग्रेस नेताओं सहित अन्य दलों के नेताओं को निमंत्रण भेजा गया है.  जनअधिकार पार्टी (JAP) के संस्थापक पप्पू यादव, रालोसपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा और अन्य परिचितों को भी आमंत्रित किया गया है’.

ये भी पढ़ें: ‘रेडिएशन कम करती है गोबर से बनी चिप’, 600 वैज्ञानिकों-शिक्षकों ने कामधेनु आयोग से मांगा सबूत

मालूम हो कि 74 वर्षीय रामविलास का 8 अक्टूबर को दिल्ली के एक अस्पताल में निधन हो गया था. वह उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री थे. उनका अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ 10 अक्टूबर को पटना में गंगा नदी के तट पर जनार्दन घाट पर किया गया था.

बिहार के खगड़िया जिले में रामविलास पासवान का जन्म 5 जुलाई 1946 को एक दलित परिवार में हुआ था. रामविलास ने कोसी कॉलेज, खगड़िया तथा पटना विश्वविद्यालय से विधि स्नातक, और कला संकाय में स्नातकोत्तर किया था. वह 1969 में बिहार पुलिस में पुलिस उपाधीक्षक के रूप में चयनित किए गए थे, लेकिन वह इस सेवा में शामिल नहीं हुए और इसके बजाय राजनीति में उतर गए. 1969 में खगड़िया की अलौली विधानसभा सीट से संयुक्ता सोशलिस्ट पार्टी के टिकट पर रामविलास विधायक चुने गए. वह 1977 में हाजीपुर लोकसभा सीट से भारी जीत के बाद राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आए थे. उन्होंने आठ बार संसद में हाजीपुर सीट का प्रतिनिधित्व किया.

ये भी पढ़ें: जन-जन तक कोरोना वैक्सीन पहुंचाने की चुनौती, पोलियो पर विजय का अनुभव आएगा काम

Related Posts