कोरोनावायरस लॉकडाउन में महंगी हुई चाय की चुस्की, अगस्त में सबसे ज्यादा बढ़े दाम

लगभग पांच सालों तक स्थिर रहने के बाद चाय के दाम एकदम से आसमान छू गए हैं. थोक मूल्य सूचकांक (WPI) के मुताबिक, अगस्त में चाय के दामों में अभी तक की सबसे ज्यादा 79 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है.

  • TV9 Digital
  • Publish Date - 12:45 am, Sat, 19 September 20

कोरोनवायरस लॉकडाउन के दौरान प्रोडक्शन में आई भारी गिरावट के चलते चाय के दाम बढ़ गए हैं. इसमें खासतौर पर सीटीसी वैरिएंट, जिसका सबसे ज्यादा इस्तेमाल होता है, उसका थोक और खुदरा बाजार दोनों में ही दाम बढ़ रहा है.

मालूम हो कि लगभग पांच सालों तक स्थिर रहने के बाद चाय के दाम एकदम से आसमान छू गए हैं. थोक मूल्य सूचकांक (WPI), जो रिटेल किए जाने से पहले माल की कीमतों में हुए बदलाव की जानकारी रखता है. उसके मुताबिक, अगस्त में चाय के दामों में अभी तक की सबसे ज्यादा 79 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है.

वहीं मई में चाय की कीमत 1.8 फीसदी बढ़ी, तो जून और जुलाई में यह आंकड़ा 8.9 फीसदी और 45.8 फीसदी रहा. इसके पीछे कोरोनावायरस लॉकडाउन को मुख्य कारण माना जा रहा है. Covid-19 के कारण करीब एक महीने के लिए चाय के उत्पादन में अचानक गिरावट आई थी.

180 साल पुराने उद्योग में पहली बार ऐसा हुआ

180 साल पुराने उद्योग में ऐसा पहली बार हुआ, जब लॉकडाउन के दौरान असम में लगभग 800 चाय बागानों और हजारों छोटे चाय उत्पादकों को मार्च के अंत से मई की शुरुआत तक चाय की पत्तियों को तोड़ना और प्रोडक्शन बंद करना पड़ा. इसमें एक खास बात यह भी है कि चाय की पत्तियों की सबसे अच्छी गुणवत्ता मार्च और अप्रैल के बीच में ही होती है.

हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक, रुजानी चाय के निदेशक राज बरूआ का कहते हैं- “चाय एक कमोडिटी है. इसकी कीमत इसकी मांग और आपूर्ति पर निर्भर करती है और उसके आधार पर बढ़ती या गिरती है. चाय उत्पादन में गिरावट का मुख्य कारण लॉकडाउन है. ”