केजरीवाल के करीबी संजीव कुमार ने थामा कांग्रेस का दामन, बोले- दिल्ली हिंसा पर उनकी चुप्पी डेंजरस

उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने बताया कि संजीव कुमार सिंह इलाहाबाद विश्वविद्यालय से छात्र राजनीति शुरू की. छात्र राजनीति के साथ ही साथ वे समाजसेवा से भी जुड़े रहे.

  • Supriya Bhardwaj
  • Publish Date - 4:38 pm, Thu, 27 February 20

लखनऊ: उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्यालय पर आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय पर्वेक्षक और पूर्वांचल के संयोजक रहे संजीव कुमार सिंह ने अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू और पूर्व सांसद राजेश मिश्रा की उपस्थिति में कांग्रेस पार्टी की सदस्यता ग्रहण किया.

उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने बताया कि संजीव कुमार सिंह इलाहाबाद विश्वविद्यालय से छात्र राजनीति शुरू की. छात्र राजनीति के साथ ही साथ वे समाजसेवा से भी जुड़े रहे. आम आदमी पार्टी के संस्थापक सदस्य रहे संजीव कुमार सिंह पूर्वांचल के कई आंदोलनों की अगुवाई किये हैं.

आम आदमी पार्टी के नेता संजीव कुमार सिंह समेत सैकड़ों कार्यकर्ताओं को पार्टी की सदस्यता दिलाते हुए प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने कहा कि पूरे प्रदेश में योगी सरकार की जनविरोधी नीतियों के चलते जनता परेशान है. अपराध और भ्रष्टाचार अपने चरम पर है.

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के नेतृत्व में भाजपा की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ लड़ाई लड़ी जा रही है, संजीव कुमार सिंह जैसे युवा और जुझारू नेताओं के कांग्रेस में आने से हमारे संघर्ष को मजबूती मिलेगी.

पूर्व सांसद राजेश मिश्रा ने कहा कि संजीव कुमार के कांग्रेस पार्टी में आने से पार्टी को पूर्वांचल में मजबूती मिलेगी. उन्होंने कहा कि पूरे देश में अराजकता की स्थिति है. देश की संस्कृति और संविधान के खिलाफ भाजपा साजिश रच रही है. आज जरूरी है कि युवाओं को पार्टी से जोड़कर संविधान विरोधी भाजपा के चेहरे को बेनकाब किया जाए.

संजीव कुमार सिंह ने कहा कि कांग्रेस पार्टी की नीतियों और विचारधारा से प्रभावित हो कर उन्होंने पार्टी की सदस्यता ग्रहण किया है. राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी और अजय कुमार लल्लू के नेतृत्व में सड़कों पर एक बेहतर समाज और देश बनाने और हर अन्याय और नाइंसाफी के खिलाफ लड़ाई लड़ी जाएगी.

उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी अपने स्वराज और आंतरिक लोकतंत्र के विचार को त्याग चुकी है. दिल्ली में साम्प्रदायिक हिंसा पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की चुप्पी बेहद खतरनाक है.