अयोध्या: राम मंदिर भूमि पूजन के बाद जमीन की कीमतों में बड़ा उछाल, एक महीने में दोगुने हुए रेट

अयोध्या (Ayodhya) अंदरूनी इलाके में जमीन की कीमत एक हजार से पंद्रह सौ रुपए प्रति वर्ग फीट तक पहुंच गई है, जबकि शहर के बीच में जमीन (Land) की कीमत दो हजार से तीन हजार रुपए प्रति वर्ग फीट है. राम मंदिर भूमि पूजन के बाद कीमतें दोगुनी हो गई हैं.

कोरोना महामारी की वजह से एक तरफ तरफ पूरा देश आर्थिक तंगी का सामना कर रहा हैं, वहीं अयोध्या में सिर्फ एक महीने के भीतर ही जमीन की कीमतें दोगुनी हो गई हैं. अगस्त में पीएम मोदी के राम जन्मभूमि पूजन के बाद से अयोध्या में जमीन की कीमतों में काफी उछाल देखने को मिला है. जमीन की कीमतों में 30 से 40 प्रतिशत का उछाल राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद ही आ गया था, राम मंदिर भूमि पूजन के बाद जमीन की कीमतें दोगुनी हो गई हैं.

अयोध्या के अंदरूनी इलाके में जमीन की कीमत एक हजार से पंद्रह सौ रुपए प्रति वर्ग फीट तक पहुंच गई है, जबकि शहर के बीच में जमीन की कीमत दो हजार से तीन हजार रुपए प्रति वर्ग फीट है. प्रॉपर्टी मामलों के जानकार ऋषि टंडन के मुताबिक राम मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद कोई भी जमीन को नौ सौ रुपए प्रति वर्ग फीट में खरीद सकता था, लेकिन केंद्र और राज्य सरकार द्वारा अयोध्या के विकास और कई इंफ्रास्ट्रक्चर की घोषणा के बाद से अयोध्या में जमीन की कीमतें आसमान छू रही हैं. सीएम योगी की अयोध्या को विश्वस्तरीय शहर बनाने की घोषणा का भी असर है कि जमीन की कीमतें बढ़ गई हैं.

होटल, धर्मशाला, कम्युनिटी किचन के लिए खरीदी जा रही जमीन

जमीन में निवेश करने वालों का मानना है कि आने वाले दिनों में सरकार अयोध्या में  बड़े पैमाने पर जमीन अधिग्रहण करेगी, उस वक्त उन्हें फायदा मिल सकता है. रिपोर्ट्स के मुताबिक ज्यादातर निवेशक होटल, धर्मशाला, कम्युनिटी किचन के लिए जमीन खरीद रहे हैं. ऋषि टंडन ने कहा कि दूसरा पहलू यह भी है कि अगर नए जमीन मालिकों को जमीन की कीमत बढ़ाकर नहीं दी गई, तो उन्हें बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है. वहीं दिल्ली एक रियल स्टेट कंसल्टेंट ने कहा कि वह अयोध्या की बढ़ी हुई कीमतों से हैरान नहीं हैं. पूरी दुनिया से लोग यहां आएंगे, जिससे यहा रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे, इसीलिए बहुत से लोग यहां निवेश करने के इच्छुक हैं

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