अयोध्या: राम मंदिर ट्रस्ट को वापस मिले छह लाख रुपए, फर्जी चेक से निकाली गई थी रकम

ट्रस्ट (Trust) ने बताया कि जालसाजों ने फर्जी चेक और फर्जी हस्ताक्षर करके श्री राममंदिर ट्रस्ट के खाते से फंड ट्रांसफर किया था. लेकिन अब बैंक ने 6 लाख रुपये ट्रस्ट के खाते में जमा करवा दिए हैं. श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट ने तुरंत कार्रवाई के लिए बैंक प्रशासन का आभार जताया है.

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श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के बैंक खाते से 9 सितंबर (September) को जालसाजी कर निकाले गए छह लाख रुपए ट्रस्ट को वापस मिल गए हैं. भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने सोमवार को छह लाख रुपए ट्रस्ट को वापस कर दिए. रकम वापस किए जाने की जानकारी बैंक प्रबंधन ने ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और सदस्य डॉ. अनिल मिश्र को दी.

ट्रस्ट (Trust) की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक जालसाजों ने फर्जी चेक और फर्जी हस्ताक्षर करके श्री राममंदिर ट्रस्ट के खाते से फंड ट्रांसफर किया था. लेकिन अब बैंक ने 6 लाख रुपये ट्रस्ट के खाते में जमा करवा दिए हैं. श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट ने तुरंत कार्रवाई के लिए बैंक प्रशासन का आभार जताया है.

 

‘अब चेक की बजाय आरटीजीएस से होगा भुगतान’

बैंक (Bank) खाते को हैंडल करने वाले ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र ने बताया कि खाते से निकाली गई पूरी रकम ट्रस्ट को वापस मिल गई है. अनिल मिश्र ने कहा कि ट्रस्ट के तीन खाते स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI)में हैं. दान करने वाले रामभक्त बैंक के चालू और बचत खाते में दान की राशि जमा कर सकेंगे. तीसरा खाता भुगतान का है, इसमें ट्रस्ट को भुगतान करने के लिए ही धनराशि जमा कराई जा सकेगी. सुरक्षा को देखते हुए अब भुगतान चेक की बजाय आरटीजीएस (RTGS) से होगा.

नौ सितंबर को फर्जी  चेक से निकली गई राम मंदिर की रकम

अभी एसबीआई (SBI) को पंजाब नेशनल बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा से धनराशि मिलनी बाकी है. एसबीआई ने इन दोनों ही बैंकों के अधिकारियों को धनराशि वापस करने के लिए चिट्ठी लिखी है. यह रकम जालसाज ने राम मंदिर ट्रस्ट के खाते से नौ सितंबर को लखनऊ के पीएनबी और बैंक ऑफ बड़ौदा से फर्जी चेक के जरिए निकाली गई था. जालसाज ने जब तीसरी बार खाते से नौ लाख 86 हजार रुपये निकालने की कोशिश की तो स्टेट बैंक ने सतर्कता दिखाते हुए मामले को पकड़ लिया. राममंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने अयोध्या कोतवाली में पैसे निकाले जाने के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था.

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