निजी दुश्मनी के लिए बदमाश कर रहे विकास दुबे के नाम का इस्तेमाल, लोगों में फैला रहे डर

लोग निजी दुश्मनी के मामलों में विकास दुबे (Vikas Dubey) के नाम का इस्तेमाल कर रहे हैं. विकास दुबे कथित रूप से अपने पीछे 60 करोड़ की संपत्ति छोड़ गया है और स्थानीय बदमाश कानपुर में अपना वर्चस्व जमाने के लिए उसके नाम का इस्तेमाल कर रहे हैं.
bullying in the name of vikas dubey, निजी दुश्मनी के लिए बदमाश कर रहे विकास दुबे के नाम का इस्तेमाल, लोगों में फैला रहे डर

गैंगस्टर विकास दुबे (Vikas Dubey) मर चुका है, लेकिन उसका नाम आज भी आतंक पैदा करता है. उत्तर प्रदेश (UP) में कई छोटे-मोटे अपराधी, यहां तक कि अपराध जगत में कदम रखने वाले नए लोग अब ‘कानपुर वाला’ के कद को भुना रहे हैं. कानपुर (Kanpur) में चौबेपुर और बिल्हौर पुलिस स्टेशन में पुलिस को दुबे के गुर्गों की उगाही और जमीन पर अवैध कब्जे को लेकर फोन आ रहे हैं. बिकरू गांव के एक निवासी ने पुलिस को पत्र लिखकर दुबे के सहयोगी के खिलाफ FIR दर्ज करवाई है, जिसने गांव में जमीन पर अवैध कब्जा कर रखा है.

शिकायकर्ता ने कहा, “वह गांव वालों को डरा रहा है और जमीन पर कब्जा कर रहा है.” शिकायतकर्ता ने कथित बदमाश के पते के बारे में भी जानकारी दी थी. पुलिस बदमाश का पता लगाने गांव गई, जहां पता चला कि यह फर्जी टेलीफोन नंबर के साथ गलत पता (एड्रेस) है. बाद में जांच में पता चला कि यह शिकायत व्यक्तिगत विवाद निपटाने के लिए की गई थी.

60 करोड़ की संपत्ति छोड़ गया विकास दुबे

एक पुलिस अधिकारी ने कहा, “बिल्हौर में IG रेंज, DIG और सर्किल ऑफिसर के कार्यालय में ऐसी 100 से ज्यादा शिकायतें दर्ज की गई हैं. इनमें से आधी शिकायतें फर्जी निकलीं. लोग निजी दुश्मनी के मामलों में विकास दुबे के नाम का इस्तेमाल कर रहे हैं.” विकास दुबे कथित रूप से अपने पीछे 60 करोड़ की संपत्ति छोड़ गया है और स्थानीय बदमाश कानपुर में अपना वर्चस्व जमाने के लिए उसके नाम का इस्तेमाल कर रहे हैं.

अब पुलिस बना रही शिकायतों की लिस्ट

हाल ही में, नागालैंड में पोस्टेड सेना के एक जवान को खुद को विकास दुबे का सहयोगी बताने वाले एक व्यक्ति ने धमकाने के लिए फोन किया और जवान को उसकी अलग रह रही पत्नी को घर वापस ले जाने या फिर अंजाम भुगतने की चेतावनी दी. इससे पहले, एक कंप्यूटर इंस्टीट्यूट के मालिक को उगाही के लिए ‘कानपुरवाला’ के नाम पर फोन आया. पुलिस अब शिकायतों की एक लिस्ट बना रही है और इनके बैकग्राउंड को खंगाला जाएगा.

फर्जी फोन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई

आईजी कानपुर रेंज मोहित अग्रवाल (Mohit Agarwal) ने कहा, “इस पहल से पुलिस स्टेशनों में अनावश्यक केसों से निपटने में मदद मिलेगी और इससे समय और ऊर्जा दोनों की बचत होगी.” उन्होंने कहा, “उगाही के लिए फोन करने वालों के खिलाफ हमने पहले से ही कार्रवाई शुरू कर दी है और एक आरोपी को हाल ही में बार्रा दक्षिण से गिरफ्तार किया गया है. उसने स्वीकार किया कि उसके पास पैसे खत्म हो गए थे और उसने उस संस्थान से पैसे ऐंठने का फैसला किया, जहां से उसने डिप्लोमा कोर्स किया था.” (IANS)

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