कफील खान का राजनीति में आने से इनकार, बोले- मैं एक डॉक्टर हूं और वही रहना चाहूंगा

डॉक्टर कफील खान ने पीटीआई न्यूज एजेंसी को फोन पर बताया कि वह किसी भी राजनीतिक दल में शामिल नहीं होंगे. साथ ही उन्होंने बिहार के बाढ़ ग्रस्त इलाकों में जा कर पीड़ित लोगों की मदद करने की इच्छा भी जताई.

हाल ही में जेल से रिहा होने वाले डॉक्टर कफील खान ने कांग्रेस पार्टी ज्वाइन करने की खबरों का खंडन करते हुए कहा कि वे अपने डॉक्टरी के पेशे में ही बने रहना चाहते हैं.

राजस्थान में मौजूद कफील खान ने पीटीआई न्यूज एजेंसी को फोन पर बताया कि वह किसी भी राजनीतिक दल में शामिल नहीं होंगे. उन्होंने कहा, “मैं एक डॉक्टर हूं और वही रहना चाहूंगा.” साथ ही उन्होंने बिहार के बाढ़ ग्रस्त इलाकों में जा कर पीड़ित लोगों की मदद करने की इच्छा भी जताई.

उन्होंने कहा कि जब 1 सितंबर को इलाहाबाद हाई कोर्ट के आदेश के बाद भी उनकी रिहाई में देरी हुई थी, तो उन्हें लगा कि उत्तर प्रदेश सरकार उन्हें फिर से किसी मामले में फंसाने की तैयारी कर रही है.

“मानवता के आधार पर प्रियंका गांधी ने की मेरी मदद”

उन्होंने कहा, “इस आशंका के चलते कि मुझे उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा किसी अन्य मामले में फंसाया जा सकता है, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने मानवता के आधार पर मेरी मदद की थी, लेकिन इसका मतलब यह नहीं मैं कांग्रेस में शामिल होने जा रहा हूं.”

डॉ. खान ने कहा कि प्रियंका गांधी के साथ राजनीति के संबंध में उनकी कोई चर्चा नहीं हुई और न ही उन्हें किसी कांग्रेस नेता ने ऐसा करने को कहा है. उन्होंने बताया, “जैसा कि राजस्थान में कांग्रेस की सरकार है और मथुरा से भरतपुर की दूरी केवल 20 मिनट की है. इसलिए प्रियंका गांधी ने मुझे भरतपुर आने का प्रस्ताव दिया था.”

कफील खान ने प्रयिंका गांधी का धन्यवाद करते हुए कहा कि उनकी वजह से ही मुझे राजस्थान में सुरक्षा मिली है.

सीएम योगी को पत्र लिखकर की बहाल करने की अपील

डॉ. कफील खान ने कहा कि उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक पत्र लिखा है, जिसमें उनसे गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में अपने पद पर बहाल करने का आग्रह किया गया है, ताकि वे फिर से लोगों की सेवा कर सकें.

मालूम हो कि इलाहाबाद हाई कोर्ट की तरफ से कफील खान पर लगे राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) हटाने के बाद उन्हें हाल ही में मथुरा जेल से रिहा किया गया था. अदालत ने उनकी तत्काल रिहाई का आदेश देते हुए कहा था कि अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) में उनका भाषण नफरत या हिंसा को बढ़ावा नहीं देता है, बल्कि राष्ट्रीय अखंडता का आह्वान करता है.

ये भी पढ़ें: डॉक्टर कफील खान ने जयपुर में सुनाई आपबीती, कहा- यूपी से कुछ दिन रहेंगे दूर, प्रियंका गांधी ने की मदद

Related Posts