सोनभद्र के पीड़ित परिवारों ने की मुलाकात, प्रियंका गांधी ने रखी ये पांच मांगें

सोनभद्र कांड में मारे गए लोगों से मिलने के लिए प्रियंका शुक्रवार को आ रही थीं, लेकिन जिला प्रशासन ने उन्हें रास्ते में रोककर हिरासत में ले लिया था.

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  • Publish Date - 2:19 pm, Sat, 20 July 19

नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के सोनभद्र में हुए गोलीकांड में मारे गए दस लोगों के परिवार के सदस्यों से मिलने की जिद पर अड़ीं कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा से पीड़ित परिवार के सदस्यों ने चुनार किला के गेस्ट हाउस में आकर मुलाकात की. चुनार किला के गेस्ट हाउस के बाहर प्रियंका गांधी वाड्रा के साथ कांग्रेस के नेताओं के धरना के बीच में ही गेस्ट हाउस में पीड़ित परिवार को लाया गया. इनमें चार महिलाओं के साथ एक पुरुष भी हैं.

इन सभी ने प्रियंका गांधी से भेंट की है. प्रियंका ने इनसे सोनभद्र कांड के बारे में जानकारी ली. चुनार गेस्ट हाउस के बगीचे में पीड़ित परिवार की महिलाओं ने प्रियंका गांधी को देखते ही रोना शुरू कर दिया.
इस दौरान प्रियंका भावुक हो गईं. उन्होंने महिलाओं से बातचीत की और उन्हें पानी पीने के लिए कहा.

इससे पहले प्रियंका गांधी ने एक वीडियो साझा करते हुए ट्वीट करके योगी सरकार पर निशाना साधा. प्रियंका ने कहा, “क्या इन आसुओं को पोंछना अपराध है?”

उन्होंने कहा, “राहुल गांधी ने मुझे पीड़ित परिवारों से मिलने को कहा था. वो मेरे नेता हैं और उनके निर्देश पर मैं यहां आई हूं.”

प्रियंका गांधी ने प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा, “योगी सरकार संवेदनहीन है. मैं पीड़ितों के आंसू पोछने आयी हूं. इसे अनावश्यक रूप से राजनीतिक रंग दिया जा रहा है.”

सोनभद्र कांड में मारे गए लोगों से मिलने के लिए प्रियंका शुक्रवार को आ रही थीं, लेकिन जिला प्रशासन ने उन्हें रास्ते में रोककर हिरासत में ले लिया था और वे चुनार गेस्ट हाउस में रुकी थीं.

प्रियंका गांधी की पांच मांगें-

  1. पीड़ित परिवारों को 25 लाख का अनुदान मिले.
  2. जमीन पर इनका मालिकाना हक होना चाहिए, क्योंकि सालों से यही लोग जमीन जोत रहे हैं.
  3. मामला फ़ास्ट ट्रैक किया जाए और गलत केस खत्म किए जाए.
  4. मामले की जांच हो और अन्याय को खत्म करने के लिए कदम उठाए जाए.
  5. इन सबको राजनीति में फंसाने की जरूरत नहीं है, इनकी सुरक्षा की जाए.

प्रियंका गांधी के प्रेस कॉन्फ्रेंस (संवादाता सम्मेलन) की मुख्य बातें- 

  1. योजना के तहत गोलीबारी की गई है. जो गोली से नहीं मरे उसे डंडे से पीट-पीट कर मारा गया.
  2. महिलाओं को ईंट से मारा गया. घटनास्थल पर एक साथ 300 लोग पहुंचे थे.
  3. प्रशासन वक्त पर नहीं आया.
  4. महिलाओं पर फर्जी मुकदमे दायर किए गए हैं.
  5. हम इनके साथ खड़े हैं. इनकी लड़ाई लड़ेंगे.
  6. मेरा मकसद पूरा हो गया जिसके लिए में यहां आई थी.
  7. राजनीती छोड़ कर इनके साथ इसलिए खड़ी हूं क्योंकि इनके साथ अन्याय हुआ है.
  8. जैसा प्रशासन कहेगा करूंगी.
  9. मेरी समझ में जो इनका ज़मीन पर इनका हक है वो इनको मिलना चाहिए. देश इनके साथ खड़ा हो.
  10. 10 लाख का अनुदान हर परिवार को दिया जाएगा , घायलों को भी हम अनुदान देंगे वो अभी तय नहीं हुआ है.

पीड़ित परिवार ने क्या कहा-

  • 17 तारीख को 11 बजे लोग बंदूक-डंडों के साथ पहुंचे और विवादित जमीन जोतने लगे.
  • हम लोगों ने विरोध किया तो मारना शुरू कर दिया.
  • हम चाहते हैं कि ट्रस्ट की जमीन आदिवासियों के बीच बांट दिया जाए.
  • हमें पता चला कि प्रियंका गांधी को प्रशासन ने गिरफ्तार कर लिया है तो हमने यहां आने का फैसला किया. हम दुख दर्द बताने के लिए आए हैं.
  • BHU ट्रामा सेंटर में इलाज के लिए पैसे मांगे गए.
  • प्रशासन से हम नहीं मिले, वो समझौता करवाना चाह रहे थे लेकिन हमने कहा कि ये मामला अदालत में है.
  • प्रशासन की सहमति और मिलीभगत से पूरी घटना हुई है. घटना के सुबह पुलिस ने फोन कर थाने बुलाया. आशंका जताने पर कहा कि कुछ नहीं होगा.
  • हम लोगों पर गुंडा ऐक्ट भी लगाया गया है

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