UP में NEET परीक्षाओं के खिलाफ समाजवादी पार्टी का प्रदर्शन, पुलिस ने किया लाठीचार्ज

समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) छात्र सभा के प्रदेश अध्यक्ष ने इस दौरान राज्यपाल को दिए गए ज्ञापन (मेमोरेंडम) में कहा, “महामारी के दौर में भी योगी सरकार (Yogi Government) का हठ जारी है. इससे सबसे ज्यादा छात्र और नौजवान प्रभावित हो रहे हैं.”

  • IANS
  • Publish Date - 8:45 pm, Mon, 31 August 20

उत्तर प्रदेश में कोरोनावायरस (Coronavirus) के बढ़ते मामलों के बीच NEET परीक्षा के आयोजन को लेकर सोमवार को समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के कार्यकर्ताओं ने लखनऊ में राजभवन के पास विरोध प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों के न मानने पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया. प्रदर्शनकारियों ने मौजूदा हालातों को देखते हुए परीक्षाओं को स्थगित (पोस्टपोन) करने की मांग उठाई. प्रदर्शन की सूचना मिलते ही पुलिस राजभवन के पास पहुंची और प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज कर दिया.

प्रदर्शनकारी काफी संख्या में राजभवन के अंदर जाने की जिद करने लगे. लेकिन प्रशासन ने उन्हें रोकने की कोशिश की. सभी कार्यकर्ता गले में लाल रंग की पट्टी डाले हुए थे, लगातार सरकार विरोधी नारे लगा रहे थे. पुलिस ने रोका तो नहीं माने. इसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज करके सबको हिरासत में ले लिया.

सभी परीक्षाओं पर रोक लगाने की मांग

समाजवादी छात्र सभा के प्रदेश अध्यक्ष दिग्विजय सिंह देव (Digvijay Singh Dev) ने इस दौरान राज्यपाल को दिए गए ज्ञापन (मेमोरेंडम) में कहा, “महामारी के दौर में भी योगी सरकार (Yogi Government) का हठ जारी है. इससे सबसे ज्यादा छात्र और नौजवान प्रभावित हो रहे हैं. केंद्र सरकार के JEE/NEET की परीक्षा कोरोना काल जैसी विपरीत परिस्थिति में कराए जाने का फैसला संवेदनहीन है. सभी छात्र-छात्राओं और शिक्षक संगठनों के भारी विरोध के बाद भी सरकार जिद पर अड़ी हुई है. हमारी मांग है कि NEET और JEE समेत अलग-अलग प्रतियोगी और स्नातक, परास्नातक की अंतिम वर्ष की परीक्षाओं के कराए जाने संबंधी आदेश को रोक किया जाए.”

एजुकेशनल इंस्टीट्यूट्स के निजीकरण का लगाया आरोप

उन्होंने कहा कि शिक्षण संस्थानों (Educational Institutions) की फीस के लिए छात्रों पर दबाव बनाया जा रहा है और फीस न जमा कर पाने की स्थिति में रिजल्ट  रोका जा रहा है. योगी सरकार प्रदेश के तमाम एजुकेशनल इंस्टीट्यूट का निजीकरण (Privatizing) करने पर तुली हुई है जिस पर तुरंत रोक लगाई जाए. लखनऊ विश्वविद्यालय में हो रही अतिथि प्रवक्ता के 245 पदों पर आरक्षण नियमावली (Reservation Rules) के तहत ही भर्तियां कराने की मांग उठाई है. (IANS)