सुप्रीम कोर्ट से यूपी के पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति को झटका, अंतरिम ज़मानत पर लगाई रोक

पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति (Gayatri Prajapati) की जमानत याचिका 3 सितंबर को मंजूर कर ली गई थी. इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने गायत्री प्रसाद प्रजापति को 2 महीने की राहत दी थी.

उत्तर प्रदेश सरकार कि याचिका पर सुप्रीम कोर्ट (SC) ने सोमवार को पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति (Gayatri Prajapati) को मिली अंतरिम जमानत पर रोक लगा दी है. साथ ही कोर्ट ने प्रतिपक्ष को नोटस जारी कर चार हफ्ते में जवाब देन को कहा है. जस्टिस अशोक भूषण कि अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष यूपी सरकार के वकील एसवी राजू ने कहा कि हाई कोर्ट ने सभी तथ्यों पर गौर नहीं किया. आरोपी पूर्व मंत्री है और गवाहों समेत पूरे मामले को प्रभावित कर सकता है.

पीठ ने वकील के तर्क से सहमति जताते हुए गायत्री प्रजापति को हाई कोर्ट से मिली अंतरिम जमानत (Interim bail) पर रोक लगा दी. साथ ही नोटिस जारी कर पीठ ने प्रतिपक्ष को चार हफ्ते में जवाब देने को कहा है.

गौरतलब हो कि राज्य के पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति की जमानत याचिका 3 सितंबर को मंजूर कर ली गई थी. इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने गायत्री प्रसाद प्रजापति को 2 महीने की राहत दी थी, जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है.

अखिलेश यादव सरकार में खनन मंत्री थे प्रजापति

हालांकि हाईकोर्ट ने उन पर कुछ पाबंदिया बरकरार रखी थी. गायत्री प्रजापति को देश छोड़कर कहीं भी बाहर जाने की अनुमति नहीं है. हाईकोर्ट ने उन्हें 5 लाख के पर्सनल बॉन्ड और दो जमानतदारों की शर्त के साथ गायत्री को जमानत दी थी. गायत्री प्रजापति अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) सरकार में खनन मंत्री रहे हैं.

कोरोना का हवाला देकर जमानता की मांग की

बता दें कि दुष्कर्म के मामले में गायत्री प्रसाद प्रजापति लखनऊ जेल में बंद हैं. पूर्व मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति ने इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच में अंतरिम जमानत अर्जी दाखिल की थी. लखनऊ बेंच ने गायत्री प्रजापति को सशर्त अंतरिम जमानत दी थी. गायत्री प्रजापति ने कोरोना का हवाला देकर इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत देने की मांग की थी.

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