हाथरस कांड: जातीय हिंसा को लेकर STF कर सकती है जांच! फंडिंग को लेकर ED के रडार पर केस

हाथरस (Hathras) के चंदपा थाने में दायर मुख्य FIR में अज्ञात लोगों और समूहों के खिलाफ राजद्रोह, हिंसा को बढ़ावा देने, जाति आधारित हिंसा और भारतीय दंड संहिता की अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया गया.

हाथरस में पुलिस की घेराबंदी (FILE)

हाथरस गैंगरेप (Hathras Gangrape) के विरोध की आड़ में जातीय हिंसा भड़काने की साजिश को लेकर उत्तर प्रदेश STF जांच कर सकती है. हिन्दुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक सरकार इस घटना में गृह सचिव भगवान स्वरूप की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय विशेष जांच दल के शुरुआती निष्कर्षों के आधार पर कथित तौर पर जातीय हिंसा की साजिश की विस्तृत जांच के लिए एसटीएफ से बात करने पर विचार कर रही है.

रिपोर्ट के मुताबिक जांच में सात जिलों में दर्ज 19 एफआईआर पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा. इन दर्ज की गई एफआईआर के मुताबिक कुछ राजनीतिक समूह और अन्य संगठनों ने जातिगत हिंसा को भड़काने की कोशिश की. हाथरस के चंदपा थाने में दायर मुख्य FIR में अज्ञात लोगों और समूहों के खिलाफ राजद्रोह, हिंसा को बढ़ावा देने, जाति आधारित हिंसा और भारतीय दंड संहिता की अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया गया.

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हिंसा फैलाने की हुई कोशिश

पुलिस के पीड़िता की मौत के बाद अंतिम संस्कार करने और उसमें परिवार के शामिल न किए जाने को लेकर कई संगठनों ने इसे मुद्दा बनाया और हिंसा फैलाने की कोशिश की गई. हालांकि हाई कोर्ट मामले में बिना इजाज़त के पीड़िता के शव का अंतिम संस्कार करने पर राज्य सरकार को कड़ी फटकार लगा चुका है. हाई कोर्ट ने इस दौरान कहा था कि पीड़िता के मानवाधिकारों और परिवार के अधिकारों का उल्लंघन किया गया.

पीएफआई और सीएफआई का नाम जुड़ा

एक अधिकारी ने दावा किया है कि मामले की शुरुआती जांच में पता चला है कि कुछ लोगों ने हाथरस की घटना की पृष्ठभूमि में जातिगत हिंसा को भड़काने के लिए एक वेबसाइट के ज़रिए फंड जुटाया. एक पत्रकार समेत चार लोगों को कथित रूप से पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) और उसके सहयोगी संगठन, कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया (सीएफआई) से जोड़ा गया था.उन्हें 5 अक्टूबर को मथुरा में गिरफ्तार किया गया था.

एसटीएफ की जांच लोगों और समूहों पर भी ध्यान केंद्रित करेगी जो इस वेबसाइट के पीछे थे. इस वेबसाइट पर विरोध प्रदर्शनों की तारीख समय और स्थान के बारे में जानकारी साझा की थी. इस मामले में फंड जुटाने की ईडी पहले ही जांच कर रही है.

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4 दिन से गांव में सीबीआई

वहीं दूसरी ओर केंद्रीय जांच ब्यूरो ने सामूहिक बलात्कार के चार आरोपियों में से एक लव कुश सिकरवार के घर पर खून के धब्बे जैसे दिखने वाले कपड़े खोजे हैं. हालांकि, लव कुश के परिवार के सदस्यों ने दावा किया कि आरोपी का बड़ा भाई रवि सिकरवार एक कारखाने में पेंटर के रूप में काम करता  है. सीबीआई की टीम आरोपी के घर ढाई घंटे तक रुकी रही और घर की तलाशी लेती रही. सीबीआई की टीम चार दिनों से गांव में है और उसने पीड़िता के पिता और भाइयों से बातचीत की है.

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