हाथरस कांड: SIT आज सौंप सकती है रिपोर्ट, तय समय से पहले पूरी हुई जांच

हाथरस घटना (Hathras Case) के बाद सरकार ने एसआईटी (SIT) गठित कर एक हफ़्ते में जांच पूरी करने के आदेश दिए थे, लेकिन बाद में उन्हें10 दिन का अतिरिक्त समय दे दिया गया था.

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हाथरस: दंगों की साजिश मामले में एसटीएफ ने शुरू की जांच (File Photo)

उत्तर प्रदेश (UP) के हाथरस गैंगरेप मामले में यूपी सरकार द्वारा गठित की गई एसआईटी (SIT) की टीम आज अपनी जांच रिपोर्ट (Report) सौंप सकती है, दरअसल तीन सदस्यीय एसआईटी की जांच (SIT Investigation) पूरी हो चुकी है. एसआईटी को जाांच रिपोर्ट सौंपने के लिए 17 अक्टूबर तक का समय दिया गया था, लेकिन मामले की जांच पूरी होने की वजह से आज ही रिपोर्ट सौंपी जा सकती है.

हाथरस (Hathras) की घटना के बाद सरकार ने एसआईटी (SIT) गठित कर एक हफ़्ते में जांच पूरी करने के आदेश (Order) दिए थे, लेकिन बाद में उन्हेंसे 10 दिन का अतिरिक्त (Ten Extra Days) समय दे दिया गया था. गृह सचिव भगवान स्वरूप की अगुवाई वाली एसआईटी को शुरू में जांच पूरी करने के लिए सात दिन का समय दिया गया था.

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SIT  ने तय समय से पहले पूरी की जांच

एसआईटी का गठन 30 सितंबर को किया गया था और सात दिनों के भीतर जांच पूरा करने को कहा गया था. अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह, अवनीश अवस्थी के अनुसार, एसआईटी को जांच पूरी करने और रिपोर्ट देने के लिए अतिरिक्त दस दिन का समय दिया गया था.

एसआईटी 1 अक्टूबर से हाथरस में डेरा डाले हुए थी. इस दौरान टीम ने पीड़ित परिवार, आरोपियों, पुलिस और जिला अधिकारियों, स्थानीय लोगों से मुलाकात कर उनके बयान भी दर्ज किए थे.

दलित लड़की के साथ हुआ था गैंगरेप

हाथरस के एक गांव में 14 सितंबर को एक 19 साल की दलित लड़की के साथ चार ऊंची जाति के लड़कों ने गैंगरेप किया और पीड़िता की रीढ़ की हड्डी तोड़ दी, और जीभ भी काट दी थी. करीब दो हफ्ते तक पीड़िता अलीगढ़ अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ती रही, आखिरकार दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में पीड़िता ने दम तोड़ दिया.

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इस मामले की जांच के लिए सरकार ने तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया था, इसके साथ ही कहा गया था कि इस मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में होगी. मामले के सभी चारों आरोपियों को एससी-एसटी एक्ट के तहत गिरफ्तार किया गया था.

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