यूपी: आईपीएस पर फिरौती मांगने का आरोप लगानेवाले बिजनसमैन की मौत, लगी थी गोली

उत्तर प्रदेश के बिजनेसमैन इंद्रकांत त्रिपाठी जिन्होंने आईपीएस मणिलाल पाटीदार (फिलहाल सस्पेंड) पर फिरौती मांगने के आरोप लगाए थे उनकी सोमवार सुबह कानपुर अस्पताल में मौत हो गई. इसी महीने हाइवे पर वह अपनी ऑडी गाड़ी में घायल हालत में मिले थे.

सांकेतिक तस्वीर

उत्तर प्रदेश के बिजनेसमैन इंद्रकांत त्रिपाठी जिन्होंने आईपीएस मणिलाल पाटीदार (फिलहाल सस्पेंड) पर फिरौती मांगने के आरोप लगाए थे उनकी सोमवार सुबह कानपुर अस्पताल में मौत हो गई. इसी महीने हाइवे पर वह अपनी ऑडी गाड़ी में घायल हालत में मिले थे. उनकी गर्दन में गोली लगी थी. तब से अबतक वह अस्पताल में भर्ती थे और जिंदगी और मौत से लड़ रहे थे. बिजनसमैन की मौत से आईपीएस की परेशानी और बढ़नेवाली है.

उत्तर प्रदेश के महोबा (Mahoba) की इस घटना के सामने आने के बाद IPS सहित 4 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया था. इतना ही नहीं एसपी मणिलाल पाटीदार ओर तीन पुलिसकर्मियों पर महोबा शहर कोतवाली में मुकदमा दर्ज हुआ है.

आईपीएस पर अब हत्या का भी आरोप

क्रशर डीलर इंद्रकांत त्रिपाठी को 8 सितंबर को गोली मारी गई थी. अब उनकी मौत हो गई. निलंबित आईपीएस अधिकारी मणि लाल पाटीदार और कई अन्य जिनके खिलाफ इस मामले में शुक्रवार देर शाम महोबा पुलिस द्वारा हत्या करने के प्रयास के लिए मामला दर्ज किया गया था, अब वे हत्या के आरोप का सामना करेंगे.

त्रिपाठी को उस समय गर्दन में गोली लगी थी जब वह 8 सितंबर को बांदा रोड से घर लौट रहे थे. बाद में उन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां से डॉक्टरों ने उन्हें कानपुर के रीजेंसी अस्पताल में रेफर कर दिया, जहां उन्होंने दम तोड़ दिया. त्रिपाठी पिछले दो दिनों से वेंटिलेटर पर थे.

वीडियो के एक दिन लगी थी गोली

त्रिपाठी को एक वीडियो जारी करने के एक दिन बाद गोली मार दी गई थी जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि पाटीदार उसे स्टोन क्रशर का बिजनेस चलाने की अनुमति देने के लिए रिश्वत मांग रहे थे. उनके भाई रविकांत ने शुक्रवार को हत्या का प्रयास करने का आरोप लगाते हुए आईपीएस अधिकारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी.

पढ़ें – महोबा: सीएम योगी के निर्देश पर एसपी सहित 4 पुलिसकर्मियों का निलंबन, जबरन वसूली का आरोप

शुक्रवार को पाटीदार के साथ जिन अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था उनमें एक निलंबित इंस्पेक्टर, देवेंद्र शुक्ला, व्यापारी सुरेश सोनी और कुछ अज्ञात लोग हैं. रविकांत ने अपनी प्राथमिकी में कहा कि उनके भाई के पास जिले में क्रशर का काम करने के लिए लाइसेंस था, लेकिन पाटीदार अवैध रूप से 6 लाख रुपये की मांग कर रहे थे. निलंबित किए जाने के बाद गुरुवार को पाटीदार के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है.

Related Posts