सीएम योगी ने 45,000 शिक्षकों के तबादले पर लगी रोक हटाई, इन्हें दी जाएगी प्राथमिकता

सीएम योगी (CM Yogi) ने पूरी तरह से पारदर्शी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई करने का निर्देश दिया है. इस फैसले से करीब 45,000 शिक्षकों को लाभ मिलने जा रहा है. अंतर्जनपदीय तबादलों में महिलाओं, दिव्यांगों और गंभीर रूप से बीमार शिक्षकों को वरीयता दी जाएगी.

  • TV9 Hindi
  • Publish Date - 12:24 pm, Sun, 20 September 20

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने रविवार को शिक्षकों (Teachers) के अंतर्जनपदीय तबादलों (Inter District Transfer) के लिए निर्देश जारी किए. सीएम योगी ने पूरी तरह से पारदर्शी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई करने का निर्देश दिया है. इस फैसले से करीब 45,000 शिक्षकों को लाभ मिलने जा रहा है. अंतर्जनपदीय तबादलों में महिलाओं, दिव्यांगों और गंभीर रूप से बीमार शिक्षकों को वरीयता दी जाएगी.

इसमें से करीब 9,000 म्यूच्यूअल ट्रांसफर के मामले हैं. लॉकडाउन के चलते अंतर्जनपदीय तबादलों की प्रक्रिया रुकी हुई थी. तबादले के लिए 45,000 से अधिक आवेदन आए थे. पारदर्शिता के लिए पूरी तरह ऑनलाइन प्रक्रिया अपनाई जाएगी.

ट्रांसफर पॉलिसी में हुआ बदलाव

मालूम हो कि लॉकडाउन से पहले योगी सरकार ने शिक्षकों की ट्रांसफर पॉलिसी में बदलाव किया था. नई पॉलिसी के मुताबिक बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षकों के ट्रांसफर के लिए 5 साल की समय सीमा को घटाकर 3 साल कर दिया गया था. वहीं, महिलाओं को बड़ी राहत देते हुए उनके लिए तबादले की समय सीमा को सिर्फ 1 साल किया गया था.

इसके अलावा योगी सरकार ने फौजियों की पत्नी को ट्रांसफर में प्राथमिकता देना निश्चित किया था. इसके अलावा गंभीर रूप से पीड़ित शिक्षकों को भी तबादले में सुविधा देने की बात कही गई थी.

31,661 सहायक शिक्षकों की भर्ती को पूरा करने का निर्देश

इससे पहले शनिवार को सीएम योगी ने बेसिक शिक्षा विभाग में 31,661 सहायक शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया को एक हफ्ते में पूरा करने का निर्देश दिया था. मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं को नौकरी सहित रोजगार के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराने के लिए संकल्पित है.

राज्य सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा सहायक अध्यापकों के 69,000 रिक्त पदों पर भर्ती के लिए 6 जनवरी, 2019 को टीटीई की परीक्षा कराई गई थी. 7 जनवरी, 2019 को निर्गत शासनादेश द्वारा टीटीई परीक्षा में उत्तीर्ण होने के लिए सामान्य वर्ग के लिए न्यूनतम 65 प्रतिशत और पिछड़ा वर्ग व अन्य आरक्षित वर्गों के लिए न्यूनतम 60 प्रतिशत अंक निर्धारित किया गया था.